रुद्रप्रयाग। पहाड़ में सड़क पहुंचाने के दावों के बीच ग्राम पंचायत चौंडा सिरांई के पालीगाड़-मुरचौंडा गांव की तस्वीर सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग को लेकर ग्रामीण लगातार सातवें दिन भी श्रमदान में जुटे रहे। करीब 1.75 किलोमीटर सड़क मार्ग तैयार करने के लिए ग्रामीण खुद कुदाल और फावड़े लेकर पसीना बहा रहे हैं। समाजसेवी जसोधर सेमवाल के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को समर्थन देने उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) युवा के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी भी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ श्रमदान कर सड़क निर्माण में हाथ बंटाया और दूरस्थ गांवों की बुनियादी समस्याओं को लेकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए।

सात दिन से जारी श्रमदान, ग्रामीणों ने खुद संभाली सड़क बनाने की जिम्मेदारी
पालीगाड़-मुरचौंडा गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग लंबे समय से ग्रामीणों के लिए अहम मुद्दा बनी हुई है। सड़क के अभाव में बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच की चुनौती के बीच ग्रामीणों ने खुद श्रमदान कर रास्ता तैयार करने का बीड़ा उठाया है। लगातार सात दिनों से चल रहा यह अभियान ग्रामीणों की एकजुटता, सामूहिक प्रयास और अपने गांव तक सड़क पहुंचाने के संकल्प को दर्शाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने का माध्यम भी है। ऐसे में गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खुद कुदाल और फावड़े उठाने पड़ रहे हैं।
सातवें दिन भी मौके पर नहीं पहुंचा शासन-प्रशासन का प्रतिनिधि
ग्रामीणों के मुताबिक, सात दिनों से लगातार श्रमदान किए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में संबंधित विभागों की भूमिका और सड़क निर्माण के लिए जरूरी प्रशासनिक सहयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीण अपने श्रम के बूते करीब 1.75 किलोमीटर सड़क मार्ग तैयार करने में जुटे हैं। अब उनकी मांग है कि संबंधित विभाग और प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर सड़क निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
आशीष नेगी ने ग्रामीणों के साथ किया श्रमदान
ग्रामीणों के अभियान को समर्थन देने पहुंचे उक्रांद युवा के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने कार्यकर्ताओं के साथ कुदाल और फावड़ा चलाकर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ के दूरस्थ गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए खुद श्रमदान करना पड़ रहा है, जो व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल जनता के बुनियादी सवालों पर ग्रामीणों के साथ खड़ा रहेगा। पहाड़ के लोगों के अधिकारों और उनकी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा।
इन कार्यकर्ताओं ने भी दिया सहयोग
श्रमदान अभियान में उक्रांद युवा के केंद्रीय महामंत्री अर्जुन कंडारी, जिलाध्यक्ष रवि राणा, जिला संरक्षक सूरत सिंह झिंकवान, जिला महामंत्री एवं प्रवक्ता अजीत भंडारी, जखोली ब्लॉक अध्यक्ष राय सिंह पंवार, युवा उक्रांद रुद्रप्रयाग के कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र नेगी, जखोली ब्लॉक महामंत्री मानवेंद्र सिंह रावत और संजय पंवार सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
ग्रामीणों को प्रशासनिक पहल का इंतजार
पालीगाड़-मुरचौंडा के ग्रामीण लगातार सात दिनों से श्रमदान कर सड़क मार्ग तैयार करने में जुटे हैं। ग्रामीणों की यह पहल जहां सामूहिक एकजुटता की मिसाल है, वहीं सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उनके संघर्ष ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर का सवाल भी खड़ा किया है।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग और प्रशासन उनकी समस्या का संज्ञान लेकर सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल करेंगे। सवाल यही है कि पहाड़ के गांवों तक सड़क पहुंचाने के दावों के बीच पालीगाड़-मुरचौंडा के ग्रामीणों को अपनी इस बुनियादी जरूरत के लिए आखिर कब तक खुद ही संघर्ष करना पड़ेगा?
