देहरादून। ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने गांवों में रात्रि चौपाल आयोजित करने की पहल शुरू की है। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में रात्रि चौपाल आयोजित की गई। इसमें ग्रामीणों ने सिंचाई, सड़क, शिक्षा, कृषि और पेयजल से जुड़ी समस्याएं उठाईं। सीडीओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
रात्रि चौपाल का उद्देश्य ‘जन सेवा–जन विश्वास–जन भागीदारी’ की भावना के अनुरूप प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

क्षतिग्रस्त नहर और पुलिया की मरम्मत के निर्देश
चौपाल में मालदेवता निवासी बच्चन सिंह कठैत ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया, विद्यालय के जर्जर भवन और धान की फसल में रोग एवं खरपतवार से हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया।
इस पर सीडीओ ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को नहर तथा क्षतिग्रस्त पुलिया की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई व्यवस्था सुचारू करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने में परेशानी न हो।
धान की फसल में रोग और खरपतवार से हो रहे नुकसान पर कृषि विभाग को फसल का परीक्षण करने और उचित तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खरपतवार की पहचान और उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए नमूना पंतनगर भेजने को भी कहा गया, जिससे किसानों को वैज्ञानिक आधार पर मार्गदर्शन मिल सके।
जर्जर विद्यालय भवन के लिए तैयार हुई डीपीआर
चौपाल में विद्यालय के जर्जर भवन की समस्या भी प्रमुखता से उठी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और जल्द धनराशि उपलब्ध होने की संभावना है।
सीडीओ ने विद्यालय भवन से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
सड़क निर्माण से जलभराव, निकासी व्यवस्था सुधारने के निर्देश
क्षेत्रवासी मनोज पंवार ने घर के पास सड़क निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होने और जलभराव की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर सीडीओ ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने सिंचाई की नहर क्षतिग्रस्त होने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंचने और पेयजल लाइन में रिसाव की समस्या भी उठाई। सीडीओ ने जल संस्थान के अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
विद्यालय में पेयजल के लिए मौके पर बजट स्वीकृत
ग्राम प्रधान सरखेत ने ग्रामीण विद्यालय में पेयजल की समस्या उठाई। सीडीओ अभिनव शाह ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही बजट स्वीकृत किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस पहल से विद्यालय में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
मालदेवता पीएचसी के उच्चीकरण का प्रस्ताव भेजा
रात्रि चौपाल के दौरान मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के उच्चीकरण का विषय भी सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ए श्रेणी से बी श्रेणी में उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
इसके अलावा सीडीओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा। इसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को जरूरत के समय स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
चौपाल से पहले आंगनबाड़ी केंद्र और राशन की दुकान का निरीक्षण
रात्रि चौपाल से पहले सीडीओ अभिनव शाह ने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित राशन की दुकान और निर्माणाधीन पशु केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं, उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
जिला प्रशासन की इस पहल के तहत सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों, पंचायत भवनों, राशन की दुकानों और जल जीवन मिशन की परियोजनाओं सहित विभिन्न सरकारी परिसंपत्तियों की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा।
किसानों को बीज वितरित, योजनाओं के लाभार्थियों से लिया फीडबैक
रात्रि चौपाल में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी दी। प्रशासन ने ग्रामीणों से फीडबैक लेकर योजनाओं की पहुंच और प्रभाव का आकलन किया।
कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग की ओर से उपस्थित किसानों को बीज वितरित किए गए। इसके साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता, साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया।
स्वीप कार्यक्रम के तहत संबंधित नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों को मतदाता जागरूकता और निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी के महत्व की जानकारी भी दी।

रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण पर्यटन पर भी होगा संवाद
जिला प्रशासन की योजना के अनुसार रात्रि चौपाल के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार, पलायन और स्वरोजगार जैसे विषयों पर ग्रामीणों से संवाद किया जाएगा। ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भी स्थानीय समस्याओं एवं विकास की जरूरतों पर सुझाव लिए जाएंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय व्यवसायों में रोजगार की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य गांवों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आजीविका के अवसर बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर विकास को गति देना है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया भाग
रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रायपुर सरोजिनी, ग्राम प्रधान शैलेंद्र चौहान, निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी मीनाक्षी बहुगुणा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसवंत सिंह चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट और जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन के अनुसार, रात्रि चौपाल के माध्यम से अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों को समझने और जनसमस्याओं के समाधान के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आमजन तक सुगमता से पहुंचाना और विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना है।
