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रुद्रप्रयाग पुलिस लाइन में मनाया गया पुलिस स्मृति दिवस, 154 शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी शोक सलामी, वीर जवानों के बलिदान को किया नमन

रुद्रप्रयाग। राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की स्मृति में बुधवार, 21 अक्टूबर को रिजर्व पुलिस लाइन रतूड़ा में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस दौरान रुद्रप्रयाग पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया।

देशभर के 154 जवानों के बलिदान को किया नमन

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर में कुल 154 पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारी और कर्मचारी कर्तव्य निर्वहन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। इन वीर जवानों ने देश की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी शोक सलामी

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर और प्रतिसार निरीक्षक कैलाश चंद्र शर्मा सहित उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद शोक सलामी देकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

इस दौरान पुलिसकर्मियों ने राष्ट्र सेवा के प्रति शहीद जवानों के समर्पण को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शहीदों के त्याग, साहस और कर्तव्यपरायणता को पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।

शहीदों का बलिदान हमेशा रहेगा प्रेरणास्रोत

पुलिस स्मृति दिवस देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने कहा कि राष्ट्र की सेवा और सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीद सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

शहीद जवानों का अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उनका बलिदान राष्ट्र की स्मृतियों में सदैव जीवित रहेगा।

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