देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक विरासत की अनूठी झलक चकराता विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल लाखामंडल की ग्रामसभा धोरा-पुड़िया में देखने को मिली। यहां मां चिंता सणी के नवरात्रि पर्व एवं पारंपरिक मेले का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। मेले में क्षेत्र सहित दूर-दराज के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरा क्षेत्र मां के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।

मां चिंता सणी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मां चिंता सणी मंदिर की क्षेत्र में विशेष धार्मिक मान्यता है। स्थानीय लोगों और भाजपा नेत्री बचना शर्मा के अनुसार, इस सिद्धपीठ से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। नवरात्रि के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह मेला स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मंदिर में पहले झोटे की बलि देने की परंपरा प्रचलित थी, लेकिन समय के साथ सामाजिक जागरूकता और बदलती धार्मिक मान्यताओं के चलते अब इसके स्थान पर नारियल अर्पित किया जाता है। इसे समाज में सकारात्मक बदलाव और अहिंसा की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है।
पांडव नृत्य और देव डोलियों का मिलन रहा आकर्षण
मेले के दौरान पारंपरिक पांडव नृत्य, देव डोलियों का मिलन तथा देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच जौनसार-बावर की लोकसंस्कृति ने भी अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी।
मेले का सबसे मनमोहक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर पारंपरिक तांदी, झेंता और रासों लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक लोकगीतों की मधुर धुनों पर महिलाओं के सामूहिक नृत्य ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, सामुदायिक एकता और लोकपरंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। मेले में शामिल लोगों ने पारंपरिक नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है विजयदशमी पर्व: बचना शर्मा
भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की विशेष आमंत्रित सदस्य बचना शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे पावन अवसर पर सभी को अपने भीतर की नकारात्मकता को दूर कर समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।

बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मेले में भाजपा नेत्री बचना शर्मा, पूर्व युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी ओम प्रकाश, अनिल वर्मा, उषा वर्मा, जिला पंचायत सदस्य, पूर्व प्रधान त्रैपण राणा, बिट्टू राणा, अतर सिंह रावत, भगतराम शर्मा और घनश्याम सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं मातृशक्ति मौजूद रहे।
मां चिंता सणी के नवरात्रि पर्व और पारंपरिक मेले ने एक बार फिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति और सामाजिक एकजुटता की अनूठी तस्वीर पेश की। पारंपरिक पूजा-अर्चना, देव डोलियों के मिलन और लोकनृत्यों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश दिया।
