देहरादून। लिंगानुपात में संतुलन लाने के लिए सामाजिक जागरूकता और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच जरूरी है। कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यह बात जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देते हुए लिंगानुपात में सुधार और भ्रूण लिंग परीक्षण की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से जिम्मेदार नागरिक बनकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
भ्रूण लिंग परीक्षण पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर कार्रवाई
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि लिंगानुपात में असंतुलन समाज के सामने कई तरह की सामाजिक समस्याएं उत्पन्न करता है। इस असंतुलन को दूर करने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से पीसीपीएनडीटी एक्ट लागू किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत भ्रूण के लिंग का पता लगाने के उद्देश्य से प्रसवपूर्व लिंग परीक्षण और लिंग चयन से संबंधित गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संबंधित केंद्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
डीएम ने विद्यार्थियों से बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और समाज में समानता का संदेश प्रसारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सोच में बदलाव लाकर ही लिंगानुपात में संतुलन की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
मतदान करना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने लोकतंत्र में मतदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मत लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मतदान के माध्यम से नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं और देश के विकास की दिशा निर्धारित करने में भागीदारी निभाते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सशक्त और समावेशी बनाने में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की दी जानकारी
जिलाधिकारी ने विश्वविद्यालय के उन विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया, जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिक अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क कर सकते हैं या भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी मतदान के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को दिलाई मतदान की शपथ
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई।
उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक जागरूकता, बेटियों के सम्मान और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
