चमोली: महिला का हीमोग्लोबिन 5.6 पहुंचा, 40 किमी दूर से पहुंचे रक्तदाता; मोहित और प्रदीप ने बचाई मदद से जान

कर्णप्रयाग। चमोली जिले के कर्णप्रयाग अस्पताल में भर्ती 28 वर्षीय महिला को रक्त की जरूरत पड़ने पर गोपेश्वर के दो युवकों ने आगे आकर मदद की। महिला का हीमोग्लोबिन स्तर 5.6 पाए जाने के बाद एबी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता हुई। ऐसे में करीब 40 किलोमीटर दूर गोपेश्वर से मोहित बिष्ट और प्रदीप भंडारी अस्पताल पहुंचे और रक्तदान कर महिला की मदद की। इस दौरान अरविंद पुंडीर ने भी सहयोग किया।

हीमोग्लोबिन कम होने पर अस्पताल में भर्ती हुई महिला

जानकारी के अनुसार, पारतोली गांव निवासी 28 वर्षीय सोनम पुंडीर को मंगलवार को कर्णप्रयाग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उनका हीमोग्लोबिन स्तर 5.6 पाया गया, जिसके बाद उन्हें रक्त की जरूरत पड़ी।

महिला के पति सतेंद्र पुंडीर ने रक्त की व्यवस्था के लिए परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद उनके छोटे भाई नवीन गोपेश्वर पहुंचे। सूचना मिलने पर मोहित बिष्ट और प्रदीप भंडारी ने एबी पॉजिटिव रक्तदान कर महिला की सहायता की।

अस्पताल में 10 महीने से पैथोलॉजिस्ट नहीं

महिला को रक्त की जरूरत के बीच अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठे हैं। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग ने बताया कि अस्पताल में पिछले 10 महीने से पैथोलॉजिस्ट का पद रिक्त है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।

 

रेडक्रॉस ने रक्तदाताओं का जताया आभार

भारतीय रेडक्रॉस शाखा के सचिव सुरेंद्र रावत और शंकर बिष्ट ने रक्तदान करने वाले युवकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उनके सहयोग के लिए आभार जताया।

जरूरत के समय रक्तदान के लिए आगे आए युवकों की इस पहल ने मानवता और सामाजिक सहयोग का संदेश दिया। पहाड़ी क्षेत्रों में समय पर रक्त उपलब्ध कराना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाता जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण मददगार साबित होते हैं।

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