देहरादून। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सोमवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सफाई कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में आयोग अध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मचारी और पर्यावरण मित्र शहरों एवं समाज को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनकर उनका समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र सफाई कर्मचारियों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
सीवर में मैनुअल प्रवेश पूरी तरह रोकने के निर्देश
मकवाना ने हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पर्यावरण मित्र को सेप्टिक टैंक या सीवर में मैनुअल तरीके से प्रवेश न करना पड़े। इसके लिए आधुनिक मशीनों, रोबोटिक तकनीक और अन्य यांत्रिक संसाधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए।
मैनहोल को मशीन होल बनाने पर जोर
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था को सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसी दिशा में मैनहोल को ‘मशीन होल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाए। सीवर और मैनहोल की सफाई में आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाकर पर्यावरण मित्रों के जीवन और स्वास्थ्य को जोखिम से बचाया जाए।
पर्यावरण मित्रों को प्रशिक्षण और पीपीई किट अनिवार्य
उन्होंने सभी पर्यावरण मित्रों को सफाई कार्य से संबंधित तकनीकी जानकारी, सुरक्षा मानकों और आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पीपीई किट उपलब्ध कराने और इसकी उपलब्धता की निगरानी करने को कहा।
अध्यक्ष ने पर्यावरण मित्रों की वर्तमान वेतन व्यवस्था की समीक्षा कर वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को वेतन और अन्य देयकों का भुगतान समय पर होना चाहिए। सफाई कार्य के लिए आवश्यक मशीनों, उपकरणों और पीपीई किट की खरीद के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान भी किया जाए।

बीमा और बच्चों की शिक्षा पर भी जोर
मकवाना ने सफाई कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक कर्मचारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सहायता और फंड की व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा, ताकि उनके परिवारों को बेहतर शैक्षिक अवसर मिल सकें।
NAMASTE योजना से जोड़ने के निर्देश
आयोग अध्यक्ष ने National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem (NAMASTE) योजना से अधिक से अधिक पर्यावरण मित्रों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य सफाई कार्य को सुरक्षित बनाने के साथ ही सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है।
उन्होंने अधिकारियों को पर्यावरण मित्रों के परिजनों को स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही सभी पात्र सफाई कर्मचारियों की स्पष्ट पहचान और विभागीय रिकॉर्ड सुनिश्चित करते हुए उन्हें आईडी कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारियों से जुड़ी योजनाओं और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। पात्र कर्मचारियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सफाई कर्मचारियों के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।




