टपकेश्वर मंदिर के महंत कृष्ण गिरी महाराज के सानिध्य में जंगम शिवालय में हुई धर्म सभा, पुजारियों के कल्याण और मंदिर समितियों के समन्वय का उठा मुद्दा
देहरादून। टपकेश्वर मंदिर देहरादून के महंत 108 कृष्ण गिरी महाराज के सानिध्य में धर्म संस्कृति मठ धर्मशाला प्रकोष्ठ के संयोजक आचार्य शिव प्रसाद ममगाई की अध्यक्षता में देहरादून के मंदिरों के पुजारियों एवं धर्माचार्यों की धर्म सभा आयोजित की गई। जंगम शिवालय, पलटन बाजार में आयोजित इस सभा में 51 आचार्यों को सम्मानित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए महंत कृष्ण गिरी महाराज ने भारतीय ऋषि-मुनि परंपरा, संस्कारों और रीति-रिवाजों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं के संरक्षण और उनके भावी पीढ़ी तक हस्तांतरण के लिए सभी धर्माचार्यों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
मंदिर समितियों और पुजारियों में समन्वय पर जोर
धर्म संस्कृति मठ धर्मशाला प्रकोष्ठ के संयोजक आचार्य शिव प्रसाद ममगाई ने मंदिर समितियों और पुजारियों के बीच बेहतर आपसी समन्वय बनाए रखने तथा धार्मिक संस्थानों की मर्यादा को कायम रखने पर जोर दिया।
उन्होंने मंदिरों में सेवा दे रहे बुजुर्ग पुजारियों के लिए पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता उठाई। उन्होंने इसके लिए सरकार और मंदिर समितियों से सहयोग का आह्वान किया।
योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने सभा में “राष्ट्र प्रथम और सनातन प्रथम” का आह्वान किया। वहीं विद्वत सभा देहरादून के अध्यक्ष आचार्य हर्षपती गोदियाल ने मंदिरों और धार्मिक गतिविधियों से नई पीढ़ी को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने पर जोर दिया।
सामाजिक स्तर पर दिखे आध्यात्मिक शक्ति के सकारात्मक परिणाम
कथा व्यास आचार्य सुभाष जोशी ने कहा कि आध्यात्मिक शक्ति का प्रकटीकरण सामाजिक स्तर पर भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
