हरिद्वार।
आगामी कांवड़ मेले को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए कांवड़ पटरी मार्ग पर व्यापक विद्युत व्यवस्थाएं की जा रही हैं। चिड़ियापुर से असफनगर झाल तक करीब 50–60 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 17–18 जुलाई से आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का कार्य शुरू होगा। विभाग का लक्ष्य 25 जुलाई से पहले सभी तैयारियां पूरी करने का है। इस योजना में रुड़की और ज्वालापुर क्षेत्र भी शामिल हैं।
विद्युत वितरण खंड नगर के अधिशासी अभियंता दीपक सैनी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 63 से 125 केवीए क्षमता के लगभग 100 जनरेटर लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस वर्ष पहली बार स्ट्रीट लाइटों में संभावित करंट लीकेज से बचाव के लिए इंसुलेशन शील्ड भी लगाई जाएगी। हालांकि पिछले वर्ष करंट लीकेज की कोई घटना सामने नहीं आई थी, फिर भी अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
यात्रा के दौरान किसी भी विद्युत संबंधी खराबी या शिकायत के त्वरित समाधान के लिए 60–70 कर्मचारियों की टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारियों की भी व्यवस्था की जाएगी।
पूरे मार्ग पर 70, 100 और 150 वॉट क्षमता की ऊर्जा दक्ष एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात्रि में भी कांवड़ियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। इस पूरी विद्युत व्यवस्था पर लगभग दो करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन भी मिला है। विभाग का कहना है कि सभी तैयारियां समयसीमा के भीतर पूरी कर कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
