सेवा, सुशासन एवं समर्पण अभियान के तहत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर आयोजित, 2,366 से अधिक लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ तथा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के अंतर्गत गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बहुउद्देशीय जनसेवा, जनसमस्या निवारण एवं जनजागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ने नागरिकों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया तथा प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण की दिशा में कार्रवाई की।

शिविरों में स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, राजस्व, शिक्षा, श्रम, सेवायोजन, आयुष, विद्युत, पेयजल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी। पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण, प्रमाण-पत्र, पेंशन, रोजगार, कृषि सहायता, महालक्ष्मी किट, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।

प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित शिविरों में हरिद्वार (नारसन), चम्पावत (रेगड़ू), टिहरी (प्रतापनगर), उत्तरकाशी (पुरोला), पौड़ी (थलीसैंण), नैनीताल (कोटाबाग), चमोली (दशोली एवं ग्वालदम) तथा ऊधम सिंह नगर (जसपुर) सहित अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भागीदारी की। अनेक स्थानों पर शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करते हुए पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित शिविरों के माध्यम से 2,366 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिला। इस दौरान 389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 257 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष प्रकरणों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

शिविरों में सांसदों, विधायकों, राज्य मंत्रियों, आयोगों एवं परिषदों के अध्यक्षों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग कर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी अपने क्षेत्र में ही विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प विकास एवं जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है तथा जनसेवा शिविर सरकार और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम हैं।

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