देहरादून: उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने पदभार ग्रहण करने के बाद निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से लगातार स्कंधवार समीक्षा बैठकें शुरू कर दी हैं। अवकाश दिवस पर भी उन्होंने मानव संसाधन, बोर्ड बैठक की तैयारियों, कर्मचारी संगठनों के साथ संवाद और आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।
31 जुलाई तक पूरी होगी डीपीसी प्रक्रिया
मानव संसाधन (एचआर) से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए कि निगम में लंबित विभागीय पदोन्नति (डीपीसी) की सभी प्रक्रियाएं 31 जुलाई 2026 तक पूरी की जाएं। साथ ही, कर्मचारियों के लंबित मेडिकल रीइम्बर्समेंट मामलों में अगले एक महीने के भीतर कम से कम 50 प्रतिशत की कमी लाने के निर्देश भी दिए।
बोर्ड बैठक के प्रस्तावों की समीक्षा
प्री-बोर्ड बैठक में विभिन्न परियोजनाओं, वित्तीय एवं प्रशासनिक मामलों तथा निदेशक मंडल के समक्ष रखे जाने वाले प्रस्तावों की समीक्षा की गई। श्री ध्यानी ने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रस्ताव तकनीकी रूप से स्पष्ट, नियमसम्मत और निगम के दीर्घकालिक हितों के अनुरूप तैयार किए जाएं।

कर्मचारी संगठनों से संवाद
हाइड्रो इलेक्ट्रिक एम्प्लॉइज यूनियन के प्रतिनिधियों ने प्रबंध निदेशक से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें स्थायी एमडी नियुक्त होने पर बधाई दी। यूनियन ने निगम के विकास कार्यों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर श्री ध्यानी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान, पारदर्शी प्रशासन और उत्तरदायित्व आधारित कार्य संस्कृति उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर विशेष जोर
दिन के अंतिम चरण में आगामी सावन माह की कांवड़ यात्रा को लेकर विद्युत व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर स्ट्रीट लाइट एवं अन्य विद्युत अवसंरचना से जुड़े सभी कार्य समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं, ताकि यात्रा सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
प्रबंध निदेशक की अवकाश दिवस पर भी लगातार बैठकों और समीक्षा से स्पष्ट है कि उनका फोकस निगम के विकास, कर्मचारियों के कल्याण और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने पर है।
