रुद्रप्रयाग। जनपद में लगातार हो रही बारिश के बीच अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है और अपने मूल बहाव क्षेत्र से लगभग 20 से 25 मीटर तक फैल गई है। तेज बहाव के कारण नदी किनारे बने सभी घाट जलमग्न हो गए हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

इस बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों ने लोगों से मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम या संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।
नगर क्षेत्र के सभासद सुरेंद्र रावत ने कहा कि मानसून के दौरान अलकनंदा का बढ़ता जलस्तर हर वर्ष नदी किनारे स्थित आवासीय क्षेत्रों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।

पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने भी लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि खराब मौसम के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम न लें, नदी किनारे जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्रशासन ने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है तथा किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
