श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार, कौशल और बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अधोसंरचना, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
चौरास परिसर स्थित एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में उनके एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित अभिनंदन समारोह में कुलपति ने विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं और उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। इसके लिए शिक्षकों को मेंटर की भूमिका निभाते हुए छात्रों को रोजगार और अवसरों से जोड़ने की दिशा में सक्रिय योगदान देना होगा।
प्रो. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए अधोसंरचना विस्तार की विस्तृत योजना तैयार की गई है, जिसे जल्द केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। बेहतर आधारभूत सुविधाओं से शोध, नवाचार और शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों की जरूरतों को देखते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों के नए पदों की मांग भी की गई है तथा भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय में रोजगारपरक और स्किल आधारित पाठ्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा, ताकि छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ सकें। उत्तराखंड में बढ़ते पलायन को गंभीर चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा को स्थानीय जरूरतों और संभावनाओं से जोड़ना जरूरी है। इससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का श्रेय शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम भावना को देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही किसी संस्थान का विकास संभव है। उन्होंने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास का उत्कृष्ट केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओ.पी. गुसाईं ने कुलपति के एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
