देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी सभी घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन प्रगति नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड करने तथा शासन स्तर पर लंबित मामलों की व्यक्तिगत रूप से पैरवी कर उन्हें शीघ्र स्वीकृति दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में कोई भी मुख्यमंत्री घोषणा तीन माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए।

समीक्षा के दौरान सबसे अधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने और बैठक में सक्षम अधिकारी की अनुपस्थिति पर सिंचाई विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं शहरी विकास, पेयजल, लोक निर्माण, विद्यालयी शिक्षा, पर्यटन, आवास और समाज कल्याण विभागों को भी कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर नोटिस जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं के लिए कार्यदायी संस्था का चयन नहीं हुआ है, वहां तत्काल संस्था नामित कर डीपीआर तैयार की जाए। भूमि संबंधी मामलों में संबंधित उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से अब तक जनपद में मुख्यमंत्री द्वारा की गई 565 घोषणाओं में से 353 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 76 घोषणाएं अभी भी अपूर्ण हैं। इसके अलावा 10 घोषणाएं आंशिक रूप से पूर्ण और 126 घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं जनता की अपेक्षाओं और क्षेत्रीय विकास से सीधे जुड़ी हैं। इसलिए सभी विभाग तय समयसीमा के भीतर कार्यों को पूरा कर योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
