देहरादून को मिला नया नेतृत्व: डॉ. आशीष चौहान बने नए जिलाधिकारी, जनसेवा और सुशासन पर रहेगा फोकस

देहरादून। देहरादून जनपद को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को विधिवत रूप से जिलाधिकारी का कार्यभार ग्रहण कर लिया। वहीं पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल का स्थानांतरण सचिवालय में किया गया है।

नए जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालते ही डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता जनकल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आमजन तक पहुंचाना होगी। इसके साथ ही चारधाम यात्रा प्रबंधन, आपदा प्रबंधन कार्यों में तेजी और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

कोषागार पहुंचकर संभाला कार्यभार

कार्यभार ग्रहण करने से पहले डॉ. चौहान ने कोषागार का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी लेते हुए रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। साथ ही पेंशनरों के सत्यापन को डिजिटल माध्यम से संचालित करने पर भी जोर दिया।

भावुक विदाई के साथ खत्म हुआ सविन बंसल का कार्यकाल

सितंबर 2024 से देहरादून में तैनात रहे सविन बंसल ने अपने कार्यकाल में प्रशासन को आमजन से जोड़ने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें कीं। उनकी ‘नंदा-सुनंदा’ योजना बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य सुरक्षा के लिए काफी चर्चित रही।

इसके अलावा भिक्षावृत्ति और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास, जनसुनवाई, त्वरित शिकायत निस्तारण और जरूरतमंदों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने जैसे कार्यों ने उन्हें “पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेटर” की पहचान दिलाई। उनके स्थानांतरण की खबर के बाद आमजन और कर्मचारियों ने उन्हें भावुक विदाई दी।

 

नवाचार आधारित प्रशासन के लिए पहचाने जाते हैं डॉ. चौहान

आईएएस अधिकारी डॉ. आशीष चौहान इससे पहले पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे जनपदों में जिलाधिकारी रह चुके हैं। उनकी पहचान तकनीक आधारित जनहितकारी पहलों और संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली के लिए रही है।

पौड़ी में उनके नेतृत्व में शुरू किया गया ‘सेफ सफर ऐप’ सड़क सुरक्षा की दिशा में अहम पहल माना गया। विवाह समारोहों में किराये के वाहनों की निगरानी और पंजीकरण के लिए बनाए गए इस प्लेटफॉर्म ने ओवरलोडिंग और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण में मदद की।

स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र में भी किए उल्लेखनीय कार्य

डॉ. चौहान की ‘काव्या ऐप’ पहल भी काफी सराही गई। वर्ष 2023 में शुरू किए गए इस ऐप के जरिए हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कार्य हुआ।

वहीं पौड़ी में हिमालय दर्शन स्थल के निकट विकसित हो रहा ‘त्रिशूल पार्क’ धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। यहां स्थापित किया जा रहा 56 फीट ऊंचा त्रिशूल भविष्य में प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।

जनता को नई उम्मीदें

तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. आशीष चौहान से अब देहरादून में भी जनहितकारी, पारदर्शी और नवाचार आधारित प्रशासनिक कार्यशैली की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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