गौरीकुंड में प्रशासन सख्त: जोखिम भरे नदी तटों से हटाए गए श्रद्धालु, तप्त कुंड में सुरक्षित स्नान की बेहतर व्यवस्था

रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन लगातार यात्रा मार्ग पर निगरानी बनाए हुए हैं। इसी क्रम में गौरीकुंड क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के किनारे बने जोखिमपूर्ण एवं असुरक्षित स्थानों पर स्नान कर रहे यात्रियों को प्रशासन द्वारा तत्काल वहां से हटाया गया तथा उन्हें केवल निर्धारित एवं सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने के लिए जागरूक किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तेज बहाव वाली नदी, गहरे जल क्षेत्र एवं प्रतिबंधित स्थानों पर स्नान करना जानलेवा साबित हो सकता है। अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक टीमें लगातार नदी तटों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं।
इसके साथ ही प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पवित्र मंदाकिनी नदी की स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि नदी में प्लास्टिक, बोतलें, कूड़ा-कचरा अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें और धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग करें।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षित स्नान व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गौरीकुंड स्थित तप्त कुंड को विशेष रूप से व्यवस्थित किया गया है। यहां महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक स्नान व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही यात्रियों की सुविधा हेतु चेंजिंग रूम भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, पर्यटन एवं अन्य संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं श्रद्धालु हितैषी बनाने में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी सजगता एवं सहयोग से यात्रा को सुरक्षित एवं सफल बनाने में भागीदारी निभाएं।

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