अगस्त्यमुनि (रुद्रप्रयाग)।
जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की पहल “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम का आयोजन विकास खंड अगस्त्यमुनि की ग्राम पंचायत बंगोली में प्रभावशाली रूप से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी दैनिक समस्याओं को प्रशासन के समक्ष खुलकर रखा। इस दौरान पेयजल आपूर्ति में अनियमितता का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया, जिस पर ग्रामीणों ने संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ नाराजगी जताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार कमलेश सिंह किरौला ने जल संस्थान के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ न मिलने की शिकायत की, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। वहीं, जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने का मुद्दा भी ग्रामीणों ने उठाया। इन समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए कृषि एवं वन विभाग को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तहसीलदार कमलेश सिंह किरौला ने बताया कि यह कार्यक्रम जिलाधिकारी के निर्देशन में निर्धारित रोस्टर के अनुसार आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें राजस्व विभाग से अमित सिंह राणा, शिक्षा विभाग से कांता प्रसाद, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. नेहा सजवाण, पशुपालन विभाग से जगदीप कुमार, ग्रामीण विकास विभाग से प्रवीण सिंह तथा पंचायती राज विभाग से डेनी राणा शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण शुरू किया गया, जिससे ग्रामीणों में संतोष और प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।
