देहरादून। राजपुर रोड स्थित सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट में शनिवार को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय उद्यमिता महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मंत्री ने एमयूवाई ओलम्पिक्स का शुभारंभ करते हुए उद्यमिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 51 लाभार्थियों को सम्मानित किया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और लोक कल्याणकारी सोच के साथ विकास को नई गति मिली है। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं लघु एवं सूक्ष्म उद्यम विभाग की जिम्मेदारी सौंपने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों का समग्र विकास है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और आमजन से भी विकास कार्यों में भागीदारी की अपील की गई।

मंत्री ने कहा कि पहले रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में पलायन एक बड़ी समस्या थी, लेकिन अब सड़क कनेक्टिविटी, शिक्षा और रोजगार योजनाओं के विस्तार से स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि आज हजारों महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
महोत्सव में 13 ‘लखपति दीदी’, 13 रीप सहायतित उद्यमी, 13 मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के उद्यमी तथा दो स्वयं सहायता समूहों के 12 सदस्यों सहित कुल 51 लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान क्रेडिट क्लिनिक, उद्यम पंजीकरण और ट्रेडमार्क डिजिटल ऑनबोर्डिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार के लिए प्रेरित किया गया।
एमयूवाई ओलम्पिक्स में 100 प्रतिभागियों ने अपने नवाचारी व्यवसायिक विचार प्रस्तुत किए, जिनमें से 18 श्रेष्ठ विचारों का चयन कर विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही एमयूवाई वेबसाइट और त्रैमासिक न्यूजलेटर का भी शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में राज्य के 13 जनपदों के उद्यमियों द्वारा आयोजित एमयूवाई एक्सपो में स्थानीय उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया।
ग्राम्य विकास विभाग की अपर सचिव एवं एमयूवाई परियोजना समन्वयक झरना कमठान ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना और विशेष रूप से महिलाओं को सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
