ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग: प्रकृति की सुरम्य वादियों में स्थित तालतोली में 11 गांवों की अधिष्ठात्री देवी भगवती राज-राजेश्वरी के दो दिवसीय पारंपरिक मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। मेले के पहले दिन विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माता के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मेले का आरंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रही। श्रद्धालुओं ने देवी के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि, शांति और परिवार की कुशलक्षेम की कामना की। क्षेत्रवासियों के अनुसार तालतोली की भगवती 11 गांवों की अधिष्ठात्री हैं, जिनकी कृपा से क्षेत्र में समृद्धि और शांति बनी रहती है।
इस अवसर पर चण्डी प्रसाद भट्ट भी मेले में पहुंचे और माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने क्षेत्र की खुशहाली और विश्व शांति की कामना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मेले में पारंपरिक झांकियां, धार्मिक अनुष्ठान और लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। महिला मंगल दलों और स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भजन-कीर्तन और लोक गीतों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया
व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आयोजन समिति और ग्रामीणों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मेले के दूसरे दिन भी विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
तालतोली मंदिर समिति अध्यक्ष कलम सिंह राणा ने बताया कि 11 गांवों के ग्रामीण और मंदिर समिति प्रत्येक वर्ष बसंत नवरात्रि के अवसर पर अष्टमी और नवमी पर दो दिवसीय मेले का आयोजन करते हैं। इस मौके पर पंडित चन्द्र शेखर पारकोटी, उपाध्यक्ष दयाल सिंह राणा, मंत्री दौलत सिंह रावत, उपमंत्री आनन्द सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष देवी प्रसाद बगवाडी, प्रधान सरिता रावत, मनीषा देवी, पूजा देवी, पूर्व प्रधान माधव कर्नाटकी, अवतार सिंह नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेन्द्र सिंह नेगी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
