नई टिहरी। टिहरी लेक फेस्टिवल में इस बार भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की बारहवीं वाहिनी द्वारा लगाई गई विशेष प्रदर्शनी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस प्रदर्शनी में पहली बार आम जनता को मशीनगन और मोर्टार जैसे भारी और अत्याधुनिक हथियारों को बेहद करीब से देखने का अवसर मिल रहा है।
पर्यटक इन हथियारों को देखकर खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। नोएडा से आए राहुल उपाध्याय सहित कई लोगों ने हथियारों के संचालन, वजन और मारक क्षमता को लेकर जवानों से अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं। आईटीबीपी के जवान भी पूरे उत्साह के साथ आगंतुकों को इन हथियारों की कार्यप्रणाली और देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।
प्रदर्शनी में मौजूद आईटीबीपी के जवानों ने बताया कि इससे पहले भी कई बार हथियारों की प्रदर्शनी लगाई जाती रही है, लेकिन उनमें आमतौर पर एलएमजी और पिस्तौल जैसे हल्के हथियार ही प्रदर्शित किए जाते थे। यह पहला अवसर है जब युद्ध और मोर्चों पर इस्तेमाल होने वाले भारी हथियारों को आम जनता के अवलोकन के लिए रखा गया है। इससे युवाओं और बाहरी क्षेत्रों से आए पर्यटकों में आधुनिक सैन्य तकनीक को समझने की उत्सुकता बढ़ी है।
हथियारों के अलावा प्रदर्शनी के एक विशेष हिस्से में पर्वतारोहण और साहसिक अभियानों में उपयोग होने वाले उपकरणों को भी प्रदर्शित किया गया है। जवान पर्यटकों को हिमस्खलन और कठिन परिस्थितियों में काम आने वाले रेस्क्यू उपकरणों की जानकारी दे रहे हैं। साथ ही पिछले वर्ष धराली, उत्तरकाशी में आई आपदा के दौरान आईटीबीपी द्वारा किए गए राहत और बचाव कार्यों की झलक भी प्रदर्शनी में दिखाई गई है।
बताया गया कि मातली, उत्तरकाशी से 22 जवानों का विशेष दल इस प्रदर्शनी के लिए नई टिहरी की कोटी कॉलोनी पहुंचा है। रविवार को गुरमीत सिंह, राज्यपाल उत्तराखंड, ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर जवानों का उत्साहवर्धन किया।
