देहरादून। कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (CSI) की दो दिवसीय विशेष पहल ‘पिंक काउंसिल CSI 2026’ का पहला दिन महिलाओं के हृदय स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में नई प्रगति पर केंद्रित रहा। उद्घाटन समारोह में लगभग 250-300 विशेषज्ञ और फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया।
दिन की शुरुआत महिलाओं में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) पर सत्रों से हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि महिलाओं में हृदय रोग के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं, इसलिए जेंडर-विशिष्ट शोध और जागरूकता अत्यंत जरूरी है। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी चर्चा हुई, जिससे डेटा एनालिसिस और सटीक निदान में मदद मिलती है।
मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा, “महिलाएं ‘देवी’ और ‘शक्ति’ का प्रतीक हैं। लेकिन अपने स्वास्थ्य की अनदेखी न करें। इस तरह के अभियान स्कूलों तक भी पहुंचने चाहिए, ताकि युवा लड़कियां स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं।”
कॉन्फ्रेंस में यह संदेश भी दोहराया गया कि “महिलाएं छोटे पुरुष नहीं हैं”, और उनके हृदय स्वास्थ्य, लक्षण और जोखिम पुरुषों से अलग होते हैं। आयोजक टीम में डॉ. सत्येंद्र तिवारी, डॉ. धीमान काली, डॉ. रूपाली खन्ना, डॉ. प्रीति शर्मा, डॉ. भानु दुग्गल और डॉ. पुनिश सदाना शामिल रहे।
दूसरे दिन भी सम्मेलन में कई शैक्षणिक सत्र और चर्चाएं आयोजित की जाएंगी, जिनका उद्देश्य महिलाओं के हृदय स्वास्थ्य से जुड़े शोध और देखभाल को और मजबूत करना है।
