विकसित भारत के लिए विकसित पंचायत जरूरी, डीपीआरओ ने प्रतिनिधियों को दिए सीमित संसाधनों में अधिकतम विकास के टिप्स

 

 

नई टिहरी:  राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत नरेंद्रनगर ब्लॉक की न्याय पंचायत बनाली में चल रहे पंचायत प्रतिनिधियों के पांच दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण शिविर का विधिवत समापन हो गया है। हिमालयन पर्वतीय विकास समिति के तत्वावधान में और पंचायती राज विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे गांव के समग्र विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। समापन समारोह हिंडोलाखाल स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित किया गया, जहां वक्ताओं ने सशक्त पंचायत और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।

समापन सत्र में जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान ने विशेष रूप से शिरकत करते हुए ‘विकसित भारत, विकसित पंचायत’ की परिकल्पना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और वास्तविक विकास की शुरुआत गांव की चौपाल से ही होती है।  डीपीआरओ ने इस बात पर बल दिया कि कैसे न्यूनतम संसाधनों का समुचित और पारदर्शी उपयोग करके अधिकतम विकास कार्य किए जा सकते हैं, जिससे गांव आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकें।

 

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