प्रतापनगर में विकास की नई उड़ान, सेमंडीधार स्कूल को मिली सड़क और किसानों को मिला हाईटेक ड्रोन

 

 

टिहरी। प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में  आज का दिन महत्वपूर्ण रहा। क्षेत्र के विकास को गति देते हुए स्थानीय विधायक विक्रम सिंह नेगी ने जहां एक ओर राइका सेमंडीधार को सड़क सुविधा से जोड़ने की कवायद शुरू की, वहीं दूसरी ओर खेती-किसानी को हाईटेक बनाने के लिए आधुनिक ड्रोन तकनीक का भी शुभारंभ किया। सेमंडीधार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधायक ने राजकीय इंटर कॉलेज सेमंडीधार के लिए जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (डीएमएफटी) के तहत 3.49 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 0.350 किलोमीटर मोटर मार्ग का विधिवत शिलान्यास किया। इस मोटर मार्ग के बनने से विद्यालय तक पहुंचना अब सुगम हो जाएगा, जिससे छात्रों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।

 

शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि राइका सेमंडीधार धुंगमंदार पट्टी का केंद्र बिंदु विद्यालय है, लेकिन सड़क मार्ग न होने के कारण यहां पहुंचने में काफी असुविधा होती थी। स्थानीय निवासियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से विद्यालय को मुख्य सड़क से जोड़ने की मांग की जा रही थी, जिसे प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कराया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य जल्द पूर्ण होगा और विद्यालय सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा। सड़क बनने से न केवल पठन-पाठन का माहौल बेहतर होगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों को भी आवागमन में सुविधा होगी।

 

सड़क शिलान्यास के साथ ही क्षेत्र में कृषि और बागवानी को नई दिशा देने के लिए एक अनूठी पहल भी की गई। सेमा गांव के पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता भगवती प्रसाद नौटियाल द्वारा गांव के लिए 10 लाख रुपये की लागत का “गरुण एयरोस्पेस एग्रीकल्चर ड्रोन” उपलब्ध कराया गया है, जिसका उद्घाटन विधायक नेगी ने किया। यह ड्रोन कृषि और बागवानी में सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव में सहायक होने के साथ-साथ जंगली जानवरों से फसलों और इंसानों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विधायक ने भगवती प्रसाद नौटियाल की इस तकनीकी पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहाड़ की खेती को बचाने के लिए ऐसे आधुनिक प्रयोगों की नितांत आवश्यकता है।

 

विधायक ने ड्रोन की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ड्रोन रात के समय उड़ने पर तेज आवाज के साथ-साथ रोशनी भी करता है। इसकी तेज आवाज और रोशनी के डर से गुलदार और भालू जैसे जंगली जानवर आबादी और खेतों से दूर भाग जाएंगे, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि वन विभाग भी जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए आवश्यकता पड़ने पर इस ड्रोन को हायर कर सकता है।

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