डीएम नितिका खण्डेलवाल और सिडकुल एमडी सौरभ गहरवाल की बैठक में बनी रणनीति, फिजिक्स वाला की ऑनलाइन कक्षाओं को मिलेगी रफ्तार

नई टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल में शिक्षा के स्तर को डिजिटल माध्यम से नई ऊंचाइयों पर ले जाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की राह आसान करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें जिले के विद्यालयों में निर्बाध इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने को लेकर गहन मंथन किया गया। इस बैठक में राज्य अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (सिडकुल) के प्रबंध निदेशक सौरभ गहरवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और कनेक्टिविटी की बाधाओं को दूर करने का रोडमैप साझा किया।

 

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले में चल रही ऑनलाइन शिक्षा की चुनौतियों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद के सरकारी स्कूलों में “फिजिक्स वाला” के सहयोग से विद्यार्थियों को जेईई जैसी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जा रही है। यह एक महत्वाकांक्षी पहल है, लेकिन विडंबना यह है कि लगभग 170 मेधावी विद्यार्थी खराब नेटवर्क कनेक्टिविटी के कारण इस सुविधा का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें सुचारू और हाईस्पीड इंटरनेट नेटवर्क उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि वे बिना किसी तकनीकी बाधा के अपनी पढ़ाई कर सकें और भविष्य में जिले से अधिक से अधिक छात्र जेईई मेन्स की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपना और जिले का नाम रोशन कर सकें।

 

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिडकुल के प्रबंध निदेशक सौरभ गहरवाल ने एक ठोस तकनीकी खाका पेश किया। उन्होंने जानकारी दी कि उनके द्वारा कराए गए तकनीकी निरीक्षण और शोध के आधार पर एक नई कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन को एक “केंद्रीय हब” के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए टावरों की सहायता से विभिन्न विद्यालयों तक वायरलेस कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी। विद्यालयों तक सिग्नल पहुंचने के बाद वहां का नेटवर्क पूरी तरह से वायरलेस और इंट्रा-नेट आधारित होगा, जिससे इंटरनेट की गति और निरंतरता बनी रहेगी। इस योजना से पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद छात्रों को बाधा रहित इंटरनेट सेवा मिल सकेगी।

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