नई टिहरी। विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना चुकी टिहरी झील और आसपास के नैसर्गिक सौंदर्य को पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। आगामी टिहरी झील महोत्सव के भव्य आयोजन और जिले में शीतकालीन पर्यटन को नई ऊंचाइयां देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिला कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें जिले के प्रमुख टूर ऑपरेटरों, साहसिक खेल विशेषज्ञों और हितधारकों के साथ महोत्सव की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप उत्तराखंड, विशेषकर टिहरी को एक प्रमुख शीतकालीन पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पर्यटन के दायरे को विस्तृत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब तक पर्यटक मुख्य रूप से कनाताल, धनोल्टी और तपोवन जैसे सीमित स्थानों तक ही सीमित रहते थे, लेकिन अब आवश्यकता है कि उन्हें जिले के अन्य अनछुए और खूबसूरत पर्यटन स्थलों तक भी आकर्षित किया जाए। इसके लिए एडवेंचर टूरिज्म और अनुभवात्मक (एक्सपेरिमेंटल) गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा। जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह को निर्देश दिए कि वे आगामी टिहरी फेस्टिवल के लिए चार दिवसीय आयोजन का एक ठोस और आकर्षक खाका तैयार करें। इसमें ट्रेक, एडवेंचर स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण शामिल किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक यादगार अनुभव मिल सके।
बैठक में मौजूद टूर ऑपरेटरों और साहसिक खेल प्रेमियों ने महोत्सव को लेकर कई रोमांचक और नवाचारी सुझाव साझा किए, जिनका प्रशासन ने स्वागत किया। हिमगंगा एडवेंचर की ओर से गंगा तट पर “काइट फेस्टिवल” (पतंगबाजी उत्सव) आयोजित करने का अनूठा प्रस्ताव रखा गया, जो पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण हो सकता है। वहीं, ट्रेक हिमालय संस्था के राजीव त्रिपाठी ने ट्रैकिंग और हाइकिंग के लिए नए रूटों के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया, जिससे युवाओं को जोड़ा जा सके। इसी क्रम में बृजेश सेमल ने माउंटेन बाइकिंग के लिए विशेष ट्रेल्स (रास्तों) को चिन्हित कर उन्हें विकसित करने की आवश्यकता जताई। इन सुझावों का उद्देश्य टिहरी को केवल जल क्रीड़ा ही नहीं, बल्कि हर तरह के साहसिक खेलों का केंद्र बनाना है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए टूर पैकेज तैयार करने पर भी बैठक में सहमति बनी। दो प्रतिभागियों ने स्वेच्छा से वालंटियर के रूप में इटिनेररी (यात्रा कार्यक्रम) तैयार करने में सहयोग देने की इच्छा जताई। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें निर्देश दिए कि वे पर्यटकों के समय और बजट को ध्यान में रखते हुए 1-डे, 2-डे और 3-डे के आकर्षक टूर प्रपोजल तैयार कर साझा करें, ताकि आने वाले सैलानियों को घूमने में आसानी हो।
