क्षतिग्रस्त मार्गों की अद्यतन रिपोर्ट तैयार, एसडीएम को 30 से अधिक महत्वपूर्ण सड़कों का प्रस्ताव भेजने के निर्देश

नई टिहरी। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत बनायी गई सड़कों की मरम्मत, पेचवर्क और गड्ढा मुक्त अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। उन्होंने जनपद के सभी एसडीएम से अपने-अपने क्षेत्र की क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की स्थिति का अद्यतन ब्यौरा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि सबसे खराब हालत में पहुंच चुकी सड़कों की प्राथमिकता सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके।

बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता पीएमजीएसवाई अरुण कुमार नेगी ने जानकारी दी कि जिले में पीएमजीएसवाई की जर्जर सड़कों को दुरुस्त करने के लिए करीब 48 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि पहले चरण में उन सड़कों को चुना जाए जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं और जहां आवागमन की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। एसडीएम द्वारा जिन मार्गों को अत्यधिक प्राथमिकता दी गई, उनमें घनसाली-तिलवाड़ा-मूयालगांव मोटर मार्ग, घुत्तू-गवाणा मार्ग, पालीभाली, सांदणा, लसेर, कंडियाल गांव-रैका, स्यालगी-कुरेदी, मौगी-मसराज, मरोड़ा-बनाली, कुण्ड, रिंगालगाड़, संतेगल, बागवाण-जामणीखाल, तेगगड़-आचरी खूंट, सुपाणाधारी, डागर-कोठार समेत कई महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं, जिन पर आमजन की आवाजाही निर्भर करती है।

इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग ने भी जिले के अन्य महत्वपूर्ण मोटर मार्गों की वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। इनमें चम्बा ब्लॉक रोड, गुल्डी रोड, नगरपालिका टिहरी के अंतर्गत लगभग 12 किलोमीटर लंबा मार्ग, पिल्खी-बनचूरी, सुलीयाधार, जोगीयाड़ा-घनसाली, जाख-डोबरा-भल्डियाना, पीपलडाली पुल से आगे केंद्रीय विद्यालय सौड़खांड मार्ग, खम्बाखाल, रतौली-जाखणीधार से गडोली तोक से कांडाढांगी, ठेलाथाती-गदेरा, मैण्डखाल-ज्वारना, कोटगाड़-मैण्डखाल, नवागांव, कस्तल, शिवपुरी-तिमली-गजा तथा गुल्लर-गजा-समण जैसे कई मार्ग शामिल रहे, जिनकी हालत लंबे समय से खराब बताई गई।

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