टिहरी। सरस्वती शिशु मंदिर, ढाणा रोड थत्यूड़ में आयोजित तीन दिवसीय ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ प्रशिक्षण का बुधवार को समापन हुआ। यह प्रशिक्षण 6 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ था, जिसमें अंतिम दिवस तक सभी 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।
समापन अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी डॉ. रोशनी सती ने कहा कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान जो भी विषय सिखाए गए हैं, उन्हें कार्यकत्रियां अपने-अपने आंगनबाड़ी केंद्रों में व्यवहारिक रूप से लागू करें। उन्होंने ‘नवचेतना आधारशिला बुक’ का अध्ययन कर उसे केंद्र संचालन में उपयोगी बनाने पर भी बल दिया।
प्रशिक्षण के दौरान अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की मास्टर ट्रेनर मंजू रावत ने बच्चों के शारीरिक विकास, ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) की गतिविधियों तथा मां-बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी। वहीं मास्टर ट्रेनर मुनाजीर हुसैन ने सुपोषण, कुपोषण, विकलांगता की पहचान और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इन योजनाओं के लाभ को जरूरतमंदों तक कैसे पहुंचा सकती हैं।
