टिहरी। अखंडता और नैतिक आचरण के उच्चतम मानकों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) को उसके कॉर्पाेरेट कार्यालय, ऋषिकेश और एनसीआर कार्यालय, कौशाम्बी के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) द्वारा आईएस/आईएसओ 37001ः2016 रिश्वत-रोधी प्रबंधन प्रणाली (एबीएमएस) का प्रतिष्ठित प्रमाणन प्रदान किया गया है।
टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर. के. विश्नोई ने इस उपलब्धि को संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह न केवल हितधारकों का विश्वास बढ़ाता है, बल्कि कंपनी की अंतरराष्ट्रीय साख को मजबूत करने के साथ पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता टीएचडीसीआईएल को कॉर्पाेरेट जिम्मेदारी और पारदर्शिता में एक नया बेंचमार्क स्थापित करने में मदद करेगी।
मुख्य सतर्कता अधिकारी सुश्री रश्मिता झा (आईआरएस) ने कहा कि यह प्रमाणन संगठन की नैतिकता, पारदर्शिता और सतत विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि टीएचडीसीआईएल की विश्वसनीयता और भरोसेमंदता को और अधिक मजबूत बनाती है।
यह प्रमाणपत्र 18 अगस्त 2025 को एनसीआर कार्यालय, कौशाम्बी में आयोजित विशेष समारोह में बीआईएस अधिकारियों द्वारा सुश्री रश्मिता झा को प्रदान किया गया। इसके बाद आज इसे ऋषिकेश स्थित कॉर्पाेरेट कार्यालय में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर. के. विश्नोई को औपचारिक रूप से सौंपा गया। इस अवसर पर उप सीवीओ/महाप्रबंधक (सतर्कता) सतीश कुमार आर्य, कार्यपालक निदेशक नीरज वर्मा, मुख्य महाप्रबंधक (ओएमएस) एस. एस. पंवार सहित सतर्कता एवं ओएमएस विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एबीएमएस प्रमाणन (आईएस/आईएसओ 37001ः2016) एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानक है जो संगठनों को रिश्वतखोरी रोकने, पहचानने और उस पर प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम बनाता है। यह प्रमाणन टीएचडीसीआईएल को विद्युत क्षेत्र में एक विशिष्ट एवं नैतिक संगठन के रूप में स्थापित करता है, जो पारदर्शी व्यावसायिक प्रथाओं को प्राथमिकता देने वाले ग्राहकों और भागीदारों को आकर्षित करता है।
विदित हो कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की इक्विटी में एनटीपीसी लिमिटेड और उत्तर प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी है।
