टिहरी। थौलधार ब्लॉक मुख्यालय में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी नाराज़गी फैल गई है। क्षेत्र के नलों में पिछले कई दिनों से ऐसा मटमैला और दूषित पानी आ रहा है, जो कपड़े धोने के लिए भी उपयुक्त नहीं है। तीन-चार दिन की आपूर्ति ठप रहने के बाद जब पानी आया, तो उसकी हालत देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पानी इतना गंदा था कि बाल्टी में भरने के कुछ समय बाद ही तली में मिट्टी की मोटी परत जम गई।
स्थानीय निवासी हुकम सिंह राणा, गंगा प्रसाद खंडूड़ी और सुमन सिंह गुसाईं ने बताया कि जल संस्थान की लाचार व्यवस्था के कारण कंडीसौड़ और आसपास के लोग लंबे समय से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब दस-ग्यारह वर्ष पहले फिल्टर टैंक का निर्माण किया गया था, लेकिन बनने के तीन साल बाद ही उसमें खराबी आनी शुरू हो गई और दूषित पानी की आपूर्ति जारी है। इसके कारण लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए दूर-दराज़ से पानी लाना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जल संस्थान की लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो वे मजबूरन विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अब उनकी सहनशक्ति जवाब दे रही है और यदि आने वाले दिनों में शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो व्यापक विरोध शुरू होगा।
जल संस्थान की ओर से फिलहाल सफाई में कहा गया है कि पेयजल लाइन जोड़े जाने के बाद पानी फिल्टर कर ही सप्लाई किया गया था, लेकिन संभव है कि लोहे की पाइपलाइन में जंग लगने से पानी दूषित हो रहा हो। संस्थान का दावा है कि एक-दो दिन में स्थिति सुधर जाएगी और साफ पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
