युवा पीढ़ी सुमन जी के आदर्शों और संघर्षों से ले प्रेरणा: डीएम
उत्तरकाशी: जिला मुख्यालय में, श्री देव सुमन के बलिदान को “सुमन दिवस” के रूप में मनाया गया है, उनकी याद में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रीदेव सुमन साहित्य कला स्मृति मंच की और से श्रीदेव सुमन जी की पुण्यतिथि को ‘सुमन दिवस’ के रूप में जिला कलेक्ट्रेट के ऑडिटोरियम में भावपूर्ण तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने श्री देव सुमन के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित किया । जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अपने संबोधन में श्रीदेव सुमन के जीवन और उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला और कहा कि श्री देव सुमन ने टिहरी रियासत में जनता को अपने अधिकारों के लिए जागरूक करने और एक जिम्मेदार शासन की स्थापना के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका बलिदान हमें आज भी सामाजिक न्याय और समानता के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रीदेव सुमन का बलिदान उत्तराखंड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है और उनकी स्मृति को सम्मानपूर्वक मनाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सुमन दिवस को केवल एक औपचारिकता न मानकर युवाओं को उनके आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

श्री देव सुमन, जिनका जन्म 25 मई, 1916 को हुआ था, एक स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता थे, जिन्होंने टिहरी रियासत में लोगों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई थी उन्होंने टिहरी जेल में 84 दिनों तक आमरण अनशन किया, जिसके परिणामस्वरूप 25 जुलाई, 1944 को उनका निधन हो गया।
इस दौरान श्रीदेव सुमन साहित्य स्मृति कला मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा जनपद से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में मेरिट में स्थान बनाने वाले छात्र–छात्रों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को सम्मानित किया गया। मात्र 16 वर्ष की आयु में एवरेस्ट फतह करने वाले सचिन कुमार की अनुपस्थिति में उनकी बहनों को प्रशस्ति पत्र दिया गया, संसद में भाषण देने वाले छात्र अवधेश नौटियाल सहित अनेक मेधावी सम्मानित किए गए और जिलाधिकारी ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
