पर्यावरणीय क्षरण जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा : प्रो. गुसांई

जंतु विज्ञान विभाग के ओर से अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के जन्तु विज्ञान विभाग के ओर से गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया गया। प्रकृति संग समरसता और सतत विकास थीम पर आधारित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने जैव विविधता से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। मौके पर छात्रों ने बर्डवॉचिंग में भाग लिया। इस अवसर पर जंतु विभाग के डॉ. आनंद कुमार ने प्रतिभागियों को स्थानीय पक्षी विविधता और जैव विविधता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को स्थानीय जैव विविधता पर दस्तावेजीकरण करने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान में 47 विभिन्न पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई और एक प्रारंभिक चेकलिस्ट तैयार की गई। गढ़वाल विवि के अधिष्ठाता छात्र कल्याण जवं जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ओपीएस गुसाईं ने जैव विविधता संरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि प्रजातियों के तीव्र गति से विलुप्त होना, प्राकृतिक आवासों का ह्रास और पर्यावरणीय क्षरण जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने सभी को जैव विविधता के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने और ठोस प्रयास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रो. मंजु प्रकाश गुसाईं, प्रो. दीपक भंडार तथा प्रो. आरएस फर्त्याल ने जैव विविधता संरक्षण पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने प्राकृतिक संतुलन, खाद्य श्रृंखला, पारिस्थितिक सेवाओं और जलवायु स्थायित्व में जैव विविधता की भूमिका को विस्तार से समझाया। संकाय सदस्य डॉ. गुंजन गोस्वामी और डॉ. गौरव भट्ट ने भी छात्रों को जैव विविधता के वैज्ञानिक अध्ययन और संरक्षण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रोत्साहित किया। मौके पर मत्स्य अधिकारी डॉ. जितेन्द्र सिंह राणा, शोधार्थी यास्मीन अख्तर, सचिन कोठियाल, आदिति रतूड़ी, अनुभा, शिप्रा, साक्षी, संजय, अजय भूषण सहित आदि मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *