देहरादून। अनुभवात्मक शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, आज यूपीईएस के स्कूल ऑफ बिज़नेस ने इन्सिआड एक्सआर के सहयोग से एक अनोखा और अत्याधुनिक इमर्सिव एक्सआर सिमुलेशन सत्र आयोजित किया। इन्सिआड एक्सआर विश्व स्तर पर इमर्सिव एजुकेशनल टेक्नोलॉजी में अग्रणी संस्थान माना जाता है। इस पहल के साथ, यूपीईएस भारत के उन पहले संस्थानों में शामिल हो गया है, जिसने मैनेजमेंट शिक्षा में एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर) को अपने एमबीए पाठ्यक्रम में शामिल किया है।
पायलट सत्र में दो अत्याधुनिक एक्सआर सिमुलेशन शामिल थे दृ द अवोकाडो केस, जो रणनीतिक निर्णय-निर्माण पर केंद्रित था, और मिशन टू मार्स, जिसका उद्देश्य आलोचनात्मक सोच और टीम सहयोग को बेहतर बनाना था। वर्चुअल रियलिटी हेडसेट पहनकर, छात्र इमर्सिव और प्रभावशाली परिवेशों में पहुंच गए कृ कहीं वे ज़ांज़ीबार के धूप से चमकते समुद्र तटों पर रणनीति बना रहे थे, तो कहीं मंगल अभियान के कमांड सेंटर्स में महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे थे। इन सिमुलेशन्स ने छात्रों को एक अनोखा अवसर प्रदान किया जिसमें वे बहु-इंद्रियात्मक वातावरण में जटिल व्यवसायिक परिस्थितियों के साथ सीधे रूप से जुड़ सके, जो वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों के बहुत करीब था।
यह पहल छात्रों के बीच बहुत उत्साह के साथ देखी गई, क्योंकि उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से जाना कि कैसे इमर्सिव टेक्नोलॉजी पारंपरिक शिक्षा से परे जाकर उनके कौशल को निखार सकती है। इन्सिआड एक्सआर द्वारा संचालित यह सत्र केवल ज्ञान नहीं, बल्कि एक संपूर्ण अनुभव प्रदान करता है, जिसमें छात्र व्यावहारिक निर्णय लेने की क्षमताओं को एक सुरक्षित लेकिन चुनौतीपूर्ण वातावरण में विकसित करते हैं।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, यूपीईएस स्कूल ऑफ बिज़नेस के डीन, राहुल नैनवाल ने कहा, “यूपीईएस में हमारा निरंतर प्रयास है कि हम छात्रों को उन्नत और अनुभव आधारित शिक्षण विधियों के माध्यम से प्रासंगिक और भविष्य-केंद्रित कौशल प्रदान करें। इन्सिआड एक्सआर के साथ यह सहयोग उसी दिशा में एक मजबूत कदम है कृ जिससे कक्षा में इमर्सिव टेक्नोलॉजी लाकर हम अपने एमबीए छात्रों को आज के जटिल और तेजी से बदलते कारोबारी माहौल के लिए बेहतर तरीके से तैयार कर रहे हैं।
यूपीईएस ने बढ़ाया अनुभवात्मक शिक्षा के एक नए युग की ओर कदम इन्सिआड एक्सआर के साथ मिलकर एमबीए छात्रों के लिए इमर्सिव लर्निंग की शुरुआत
