ऋषिकेश। आईडीपीएल में आयोजित सेवा पखवाड़ा में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। उन्होंने देहरादून जिले की 219 करोड़ रूपये से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा से स्वागत किया। सीएम ने भी लोगों पर खूब फूल बरसाए। आयोजन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहा कि यह अभियान लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। बोले, लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है, जब शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक नागरिक तक सम्मान, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। कहा कि उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक व दूरदर्शी निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की सेवा का मौका मिला था। यह यात्रा जनसेवा, सुशासन व समर्पण की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रदेश की जनता का विश्वास, प्यार और आशीर्वाद ही अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताया। कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन व जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का है। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित व श्रेष्ठ राज्य बनाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, पर्यटन, उद्योग, निवेश, स्वरोजगार एवं सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने राज्य के महत्वपूर्ण फैसलों, यूसीसी, भू-कानून और सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतित आरक्षण आदि का जिक्र भी किया। कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी भावना के साथ ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।
मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, खजान दास, भरत चौधरी, पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, सुरेश गड़िया, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, विनोद चमोली, सहदेव सिंह पुंडीर, मेयर शंभू पासवान, मेयर सौरभ थपलियाल, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पांडेय, डीजी सूचना बंशीधर तिवारी, डीएम डॉ. आशीष चौहान, सीडीओ अभिनव शाह आदि मौजूद रहे।
3,500 लोगों ने उठाया बहुद्देशीय शिविर का लाभ
ऋषिकेश। आईडीपीएल में सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में बहुद्देशीय शिविर भी आयोजित हुआ, जिसमें 3,500 लोगों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया। शिविर में सिर्फ देहरादून ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले टिहरी और हरिद्वार के अधिकारी पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याओं का भी मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास किया। शनिवार को आयोजित शिविर में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने गंभीर व पुरानी बीमारियों से ग्रसित 1,009 मरीजों की जांच कर इलाज किया गया। 212 हड्डी रोगियों, 70 स्त्री, 81 नेत्र, नाक व कान संबंधी रोगियों का भी परीक्षण कर उनका उपचार किया गया। 13 बच्चों का टीकाकरण कर 15 आयुष्मान कार्ड व 20 आभा कार्ड बनाए। 95 एक्स-रे और 70 लोगों की खून की जांच की गई। आयुष विभाग के विशेषज्ञों ने भी 310 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें औषधियां वितरण किया। 23 दिव्यांगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया।
कांग्रेस और यूकेडी कार्यकर्ता ने किया प्रदर्शन
-कांग्रेस और यूकेडी के कार्यकर्ता ने शनिवार को बापूग्राम को राजस्व ग्राम का दर्जा देने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री तक पहुंचने का प्रयास किया, तो पुलिस ने कांग्रेस के 20 और यूकेडी के 12 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उन्हें मुनिकीरेती क्षेत्र में छोड़ दिया। कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि यह कार्यकर्ता वीवीआईपी रूट पर जाने का प्रयास कर रहे थे। सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर कार्रवाई करनी पड़ी।
इंटीग्रेटेड योजना पर सरकार कर रही काम
-आईडीपीएल में आयोजित कार्यक्रम में विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने भी बापूग्राम की समस्या को प्रमुखता के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ बापूग्राम ही इस तरह की समस्या से ग्रसित नहीं है। बिंदुखाता और रामनगर के आसपास क्षेत्र में बसी आबादी भी परेशान है। प्रभावित परिवारों की समस्या को सराकर बाखूबी समझ रही है। बताया कि तीन क्षेत्रों के लोगों को राहत के लिए सरकार प्रयास कर रही है, जिसमें इंटीग्रेटेड योजना पर काम किया जा रहा है। इस योजना से प्रभावित परिवारों को उनकी समस्या से निजात मिलेगी।
