मानसून में आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट रखने के निर्देश, हेल्पलाइन 1905 और सत्यापन अभियान की नियमित समीक्षा के आदेश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम और कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम, सत्यापन अभियान और सड़कों को गड्ढामुक्त करने समेत विभिन्न विषयों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आमजन की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
मानसून में आपदा प्रबंधन तंत्र रहे अलर्ट
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को मानसून के मद्देनजर सतर्कता बढ़ाने और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की आपदा या अनहोनी से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि मानसून के दौरान आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अत्यधिक बारिश या आपदा के कारण जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग अवरुद्ध हुए हैं अथवा ड्रेनेज सिस्टम में समस्या उत्पन्न हुई है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। ऐसे स्थानों को चिन्हित कर मानसून समाप्त होते ही सड़क, मार्ग और ड्रेनेज व्यवस्था के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य प्राथमिकता से शुरू किए जाएं।
15 अक्टूबर तक प्रदेश की सड़कें हों गड्ढामुक्त
मुख्यमंत्री ने मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में गड्ढामुक्त सड़क अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, समिति गठित करने और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में और तेजी लाई जाए। जिन क्षेत्रों और गांवों में अभी तक शिविर आयोजित नहीं हुए हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि आमजन तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का मौके पर त्वरित समाधान करना है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 की नियमित समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
सत्यापन अभियान में तेजी लाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण किया जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने राज्य में स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन में भी तेजी लाने को कहा।
पीएमजीएसवाई की पांच साल पुरानी सड़कों का होगा आकलन
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्यभर में पांच वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी और खराब स्थिति वाली सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन सड़कों की स्थिति का आकलन कर डामरीकरण और सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
आवश्यकता के अनुसार ऐसी सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों और उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।
कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता और नशे के खिलाफ अभियान में तेजी
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद प्रदेश में स्वच्छता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने तथा अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
साथ ही प्रदेश में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
कृषि, बागवानी और पशुपालन योजनाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ने और किसानों, पशुपालकों तथा ग्रामीणों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु मौजूद रहे। वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप समेत प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
