देहरादून। राजधानी देहरादून में आयोजित सरस फूड फेस्टिवल 2026 ग्रामीण महिलाओं की आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच बनकर उभरा। सात दिवसीय इस फेस्टिवल में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने कुल 1,01,00,692 रुपये का कारोबार किया। आयोजन में 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों के साथ देश के 17 राज्यों के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रतिभाग किया।

ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन देहरादून के तत्वावधान में आयोजित इस फेस्टिवल ने ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और विपणन के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराया। स्थानीय व्यंजनों, पहाड़ी उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं की बिक्री के माध्यम से महिलाओं को अपनी आजीविका बढ़ाने का अवसर मिला। वहीं, स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में भी यह आयोजन महत्वपूर्ण रहा।
लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनने की ओर बढ़ रहीं महिलाएं
सरस फूड फेस्टिवल की नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने बताया कि सात दिवसीय आयोजन ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी मंच साबित हुआ। उन्होंने कहा कि मेले में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए अपने उत्पादों की बिक्री की और कुल 1,01,00,692 रुपये का टर्नओवर अर्जित किया।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अब लखपति दीदी बनने के बाद करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बनाने, नए ग्राहकों तक पहुंचने और स्वरोजगार को विस्तार देने में मदद मिलती है।
17 राज्यों के उत्पादों ने बढ़ाई मेले की रौनक
फेस्टिवल में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों ने लोगों को देश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया।
उत्तराखंड के पहाड़ी उत्पादों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के साथ अन्य राज्यों की विशिष्ट वस्तुओं को भी लोगों ने देखा और खरीदा। 200 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन का अवसर मिला। ऐसे आयोजन ग्रामीण उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ महिला उद्यमियों के अनुभव और आत्मविश्वास को बढ़ाने में भी सहायक बनते हैं।

ग्रामीण आजीविका और महिला उद्यमिता को मिला मंच
सरस फूड फेस्टिवल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, उनकी आय बढ़ाने में सहयोग करना और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ना रहा। आयोजन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर और उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
सात दिनों में एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होना समूहों की व्यावसायिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। आयोजन ने ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता और स्थानीय उत्पादों की बाजार क्षमता को प्रदर्शित किया।
सरस फूड फेस्टिवल 2026 ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कारोबार बढ़ाने, नए बाजारों तक पहुंच बनाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
