ओम पुल से हरिपुर कला तक हाईवे पर कांवड़ियों की बाइक का कब्जा, हाईवे से अंदरूनी मार्गों तक दिखी दोपहिया वाहनों की भारी भीड़
हरिद्वार। सावन के अंतिम दौर में सोमवार को धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का ऐसा महासैलाब उमड़ा कि शहर की सड़कें भगवा रंग में रंगी नजर आईं। गंगाजल लेने पहुंचे लाखों शिवभक्त कांवड़ियों के कारण हाईवे से लेकर शहर के अंदरूनी मार्गों तक दोपहिया वाहनों की भारी भीड़ दिखाई दी।
ओम पुल से हरिपुर कला तक कई स्थानों पर कांवड़ियों की मोटरसाइकिलों की लंबी कतारें लगी रहीं। बड़े वाहनों की आवाजाही पर कई स्थानों पर प्रतिबंध के बावजूद दोपहिया वाहनों की संख्या इतनी अधिक रही कि सड़कों पर यातायात का दबाव लगातार बना रहा।
कांवड़ मेले के चरम पर पहुंचने के साथ ही सोमवार को हरिद्वार की सड़कों पर चारों ओर भगवा ही भगवा नजर आया। बड़ी संख्या में बाइक सवार कांवड़िये हाईवे के साथ-साथ वैकल्पिक और अंदरूनी मार्गों से अपने गंतव्य की ओर बढ़ते दिखाई दिए। भीड़ के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस और प्रशासन की लगातार तैनाती के चलते यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास जारी रहा।
इस बार प्रशासनिक व्यवस्था बनी चर्चा का विषय
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार जिला प्रशासन की तैयारियों और पुलिस की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर सकारात्मक चर्चा देखने को मिल रही है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, यातायात प्रबंधन, सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और कांवड़ मार्गों पर मूलभूत सुविधाओं की लगातार निगरानी की गई।
वहीं, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में पुलिस ने भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती, रूट डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की लगातार फील्ड मौजूदगी के कारण भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्थाओं को संभालने में मदद मिली।
पूर्व के अनुभवों से लिया सबक
हरिद्वार में पूर्व के बड़े धार्मिक आयोजनों और कांवड़ मेलों के दौरान अत्यधिक भीड़, यातायात दबाव, अव्यवस्थित पार्किंग और मार्गों पर अतिक्रमण जैसी समस्याएं प्रशासन के लिए चुनौती बनती रही हैं। भीड़ के दबाव के बीच सड़क दुर्घटनाओं और वाहनों की आवाजाही से जुड़े हादसे भी सामने आते रहे हैं।
इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार भीड़ के संभावित दबाव वाले क्षेत्रों की पहले से पहचान, रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग, पुलिस तैनाती और यातायात नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया।
दुर्घटना की आशंका वाले क्षेत्रों में भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी की गई। सोमवार को उमड़े विशाल जनसैलाब के बीच कई स्थानों पर जाम की स्थिति जरूर बनी, लेकिन पुलिस और प्रशासन लगातार मौके पर मोर्चा संभाले रहा।
संतों ने प्रशासन को दिए पूरे नंबर
कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर संत समाज की ओर से भी जिला प्रशासन और पुलिस की सराहना की गई है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी महाराज ने मेला व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन को 100 में से 100 अंक दिए।
उन्होंने कहा कि वह रोजाना मेला क्षेत्र में घूमे और उन्हें कहीं कोई बड़ी अव्यवस्था नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि जब कुछ साधुओं को संभालना भी चुनौतीपूर्ण होता है, ऐसे में करोड़ों की भीड़ को जिला प्रशासन ने जिस कुशलता से संभाला, वह सराहनीय है।
स्वामी रवींद्र पुरी महाराज ने प्रशासन की व्यवस्थाओं और अधिकारियों के प्रयासों की जमकर प्रशंसा की।
‘अव्यवस्था और अपराध मुक्त रहा कांवड़ मेला’
स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि इस बार कांवड़ मेला बेहद कुशलता और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में मेला व्यवस्था बेहतर रही।
उन्होंने एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर को पराक्रमी पुलिस कप्तान बताते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस के बेहतर समन्वय के चलते कांवड़ मेला अव्यवस्था और अपराध से मुक्त रहा।
आस्था के साथ प्रशासनिक प्रबंधन भी बना चर्चा का विषय
हरिद्वार में उमड़े इस विशाल जनसैलाब ने एक बार फिर कांवड़ मेले के व्यापक स्वरूप को सामने रखा। लाखों कांवड़ियों की मौजूदगी के बीच यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहा।
हालांकि भीड़ के कारण कई जगह यातायात दबाव और जाम की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस और प्रशासन की लगातार फील्ड मौजूदगी तथा रूट डायवर्जन और निगरानी व्यवस्था के चलते स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया।
यही वजह है कि इस बार हरिद्वार की सड़कों पर उमड़ी आस्था के महासैलाब के साथ प्रशासनिक और पुलिस प्रबंधन भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
