विशेष गहन पुनरीक्षण-2026: निर्वाचन आयोग की टीम ने देहरादून में की समीक्षा, 11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी

 

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत चल रहे कार्यों की रैंडम जांच, ऑडिट एवं पर्यवेक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने मंगलवार को देहरादून जनपद का भ्रमण किया। आयोग की टीम ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह तथा विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए तैनात सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में आयोग की टीम ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गंभीरता बनाए रखने पर जोर दिया। टीम ने जनपद में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की सराहना भी की।

आपत्तियों के निस्तारण में बरतें विशेष सावधानी

आयोग की टीम ने निर्देश दिए कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त अधिक संख्या में आपत्तियों का अत्यंत सावधानी और निष्पक्षता के साथ निस्तारण किया जाए। मृत्यु अथवा स्थानांतरण के कारण किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की स्थिति में संबंधित मतदाता की जानकारी का बीएलओ तथा संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) से अनिवार्य रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जाए।

टीम ने यह भी निर्देश दिए कि निर्धारित 11 प्रमाण-पत्रों में से अब तक कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं से दोबारा संपर्क कर उन्हें प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।

11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आयोग की टीम को जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाए जाने अथवा संबंधित विवरण उपलब्ध न कराने के मामलों में 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से करीब 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है।

यूपी और उत्तराखंड दोनों मतदाता सूचियों में 96,187 नाम

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद में 96,187 ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनके नाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं।

ऐसे मतदाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार किसी एक राज्य की मतदाता सूची में रहने का अवसर दिया जा रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इसकी जानकारी देंगे और उनकी स्वेच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है, साथ ही प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार को सुरक्षित रखना है।

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