राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में विश्व युवा दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
नई टिहरी। राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में रेड क्रॉस समिति एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व युवा दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया। कार्यशाला का विषय “युवा शक्ति, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व” रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं अतिथि परिचय के साथ हुआ। वेबिनार के मुख्य वक्ता प्रो. योगाम्बर सिंह फर्सवाण, पर्यावरणीय पुरातत्व विशेषज्ञ, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल ने युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विशिष्ट वक्ता राहुल डबराल, राज्य निदेशक, मेरा भारत, उत्तराखंड ने युवाओं को सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
ओंकार बहुगुणा, अध्यक्ष, उत्तराखंड रेड क्रॉस सोसाइटी, देहरादून ने मानव सेवा, आपदा प्रबंधन और रेड क्रॉस की विभिन्न गतिविधियों में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सेवा एवं आपदा के समय राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया।
वहीं प्रो. जानकी पंवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य, डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार ने नैतिक मूल्यों, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. ईरा सिंह, सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग एवं संयोजक, रेड क्रॉस समिति ने अतिथियों, प्रतिभागियों तथा छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है और इस ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा जागरूकता, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यशाला में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों ने हाइब्रिड माध्यम से सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को सामाजिक उत्तरदायित्व, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, आपदा प्रबंधन और राष्ट्र सेवा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
