देहरादून। बालावाला और गूलर घाटी क्षेत्र में लंबे समय से लंबित जनसमस्याओं को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सिंचाई, जलापूर्ति, सुरक्षा, कूड़ा निस्तारण और सीवर निर्माण से जुड़ी समस्याओं पर उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
बालावाला में किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि सिंचाई नहर में लंबे समय से सिल्ट जमा है और करीब चार वर्षों से नहर की समुचित सफाई नहीं हुई है। इससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिल पा रहा है और फसलों को नुकसान हो रहा है। डीएम ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नहर की मरम्मत और सिल्ट सफाई के लिए धनराशि आवंटित होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उन्होंने सिंचाई विभाग से स्पष्टीकरण तलब किया और निर्धारित रोस्टर के अनुसार किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
क्षेत्र में हाथी, बाघ और आवारा कुत्तों से जुड़ी सुरक्षा समस्या पर भी डीएम ने वन विभाग और नगर निगम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जंगल से लगे नहर क्षेत्र में रात के समय सुरक्षा के लिए सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। मियांवाला चौक पर शराब की दुकान के आसपास लगने वाले जाम का समाधान करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बालावाला घोड़ा फैक्ट्री के पास स्थित सुनसान खेल मैदान का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस को नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
गूलर घाटी में प्राकृतिक जलस्रोत का निरीक्षण करते हुए डीएम ने इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए इसे रिवर रिजूवनेशन प्रोजेक्ट में शामिल करने को कहा। साथ ही पूरे क्षेत्र को ईको पार्क के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। लंबे समय से बंद पड़े हाइड्रम को पुनः स्थापित करने के लिए लघु सिंचाई विभाग को प्रस्ताव बनाने को कहा गया।
देवीपुरा में खुले में कूड़ा डंपिंग पर डीएम ने नगर निगम को फटकार लगाई और तत्काल नोटिस जारी कर कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
नकरौंदा के पास बांगी पुलिया क्षेत्र में जलभराव की समस्या पर यूयूएसडीए अधिकारियों को भी फटकार लगाई गई। डीएम ने तत्काल ड्रेनेज प्लान तैयार करने और सीवर परियोजना में ड्रेनेज व्यवस्था की कमी के लिए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता के अनुपस्थित रहने पर उनके खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
