गोपेश्वर। हिमालय की अधिष्ठात्री मां नंदा की 12 वर्ष में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक बड़ी जात यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, श्रद्धालुओं का उत्साह भी चरम पर पहुंचता जा रहा है। बुधवार को मौसम साफ रहने और चटक धूप खिलने से यात्रा पथ पर हिमालय की अनुपम सुंदरता श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। मां नंदा की डोलियां अगले पड़ावों की ओर बढ़ीं तो उनके दर्शन और स्वागत के लिए ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी जुटते रहे।
बुधवार को बंड क्षेत्र की नंदा डोली कम्यार गांव, बधाण क्षेत्र की नंदा डोली डुंगरी गांव और दशोली की नंदा डोली मटई-ग्वाड़ गांव पहुंची। तीनों स्थानों पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा के साथ मां नंदा का स्वागत किया। डोली के गांव में पहुंचते ही माहौल भक्तिमय हो गया।

ससुराल क्षेत्र में बहू की तरह होगा मां नंदा का स्वागत
मां राजराजेश्वरी बधाण की नंदा डोली ने मायके पक्ष के अंतिम पड़ाव को पार कर अब ससुराल क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही बड़ी जात यात्रा का अगला चरण शुरू हो गया है। ससुराल क्षेत्र के गांवों में मां नंदा के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ग्रामीण मां नंदा का स्वागत अपनी बहू की तरह करने को उत्साहित हैं। डोली के पहुंचने पर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
बंड की नंदा डोली नौरख, पीपलकोटी, मल्ला अगथल्ला, नंदोली मंदिर, रैतोली और नरगोली होते हुए कम्यार गांव पहुंची। वहीं कुरुड़-दशोली की नंदा डोली सेमा गांव से बैराशकुंड होते हुए मटई-ग्वाड़ पहुंची।
इजरायल से पहुंचे टॉम, डोली के साथ कर रहे पैदल यात्रा
बड़ी जात यात्रा में इजरायल से पहुंचे टॉम भी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। टॉम कुरुड़ से मां नंदा की दशोली डोली के साथ लगातार एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव तक पैदल यात्रा कर रहे हैं। पहाड़ की लोक संस्कृति, परंपराओं, ग्रामीणों के आत्मीय आतिथ्य और प्राकृतिक सौंदर्य ने उन्हें खासा प्रभावित किया है।
टॉम का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि दुनिया में इतनी भव्य और दिव्य पैदल यात्रा भी होती है। उन्होंने मां नंदा की डोली के साथ होमकुंड तक पैदल जाने की इच्छा जताई है।

सोशल मीडिया के जरिए देश-दुनिया तक पहुंच रही बड़ी जात
बड़ी जात यात्रा की भव्यता को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सोशल मीडिया भी अहम भूमिका निभा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से दर्जनों यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर यात्रा में पहुंचे हैं। दिल्ली, पंजाब, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और देहरादून समेत कई क्षेत्रों से पहुंचे युवा यात्रा के विभिन्न पड़ावों को कैमरे में कैद कर रहे हैं।
लोकगीत, जागर, पारंपरिक रीति-रिवाज, ग्रामीणों की आस्था और मां नंदा के प्रति श्रद्धा के दृश्य सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंच रहे हैं। बाहरी क्षेत्रों से पहुंच रहे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और युवा कंटेंट क्रिएटरों की मौजूदगी से यात्रा के पड़ावों पर ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
