13 अगस्त की दुर्घटना के बाद पांच दिन तक चला रेस्क्यू अभियान; प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना समेत कई एजेंसियों ने निभाई अहम भूमिका
चमोली। हाट-सियासैण, पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुई दुर्घटना के बाद चलाया जा रहा रेस्क्यू एवं सर्च अभियान मंगलवार को सफलतापूर्वक पूरा हो गया। रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे और लापता सभी श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है।
जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, टीएचडीसी तथा संबंधित एजेंसियों की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ लगातार अभियान चलाया। टनल के भीतर जमा पानी की निकासी, मलबा हटाने और मशीनरी बाहर निकालने के साथ संभावित स्थानों पर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने आधुनिक उपकरणों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से अभियान जारी रखा। पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप समेत आवश्यक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, जिससे टीमों को टनल के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में मदद मिली।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पूरे रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे और लापता श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना थी, जिसे रेस्क्यू टीमों ने अथक प्रयासों से पूरा किया।
अभियान के दौरान प्रभावित श्रमिकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई। जिन श्रमिकों को उपचार की जरूरत थी, उन्हें अस्पताल भेजा गया। जिला प्रशासन की ओर से श्रमिकों के स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं की लगातार जानकारी ली गई।
रेस्क्यू अभियान के सफल समापन के साथ ही टनल में लापता श्रमिकों की तलाश का कार्य भी समाप्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने अभियान में शामिल सभी रेस्क्यू एजेंसियों, सुरक्षा बलों, संबंधित विभागों और कार्मिकों के समन्वित प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
रेस्क्यू अभियान में आईटीबीपी जोशीमठ, आईटीबीपी गौचर, सेना जोशीमठ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, राजस्व विभाग और सीआईएसएफ की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से कठिन परिस्थितियों में सभी प्रभावित श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना संभव हुआ।
