आयुर्वेद के बाजार में एमवे इंडिया का बड़ा दांव, 9 नए उत्पाद लॉन्च; 2 साल में 100 करोड़ का लक्ष्य

न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के तहत विस्तार, ऑर्गेनिक खेती से जड़ी-बूटियों की खरीद; तमिलनाडु प्लांट में होगा उत्पादन

देहरादून। आयुर्वेद और प्लांट बेस्ड हेल्थ प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग के बीच हेल्थ एवं वेलनेस कंपनी एमवे इंडिया ने आयुर्वेद के क्षेत्र में बड़ा विस्तार किया है। कंपनी ने न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के तहत नौ नए उत्पाद लॉन्च किए हैं। कंपनी ने अगले दो वर्षों में इस श्रेणी से 100 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

कंपनी का कहना है कि नए उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से जिम्मेदारी के साथ प्राप्त की जाती हैं। इन उत्पादों का निर्माण तमिलनाडु स्थित एमवे की अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई में किया जाता है।

आयुर्वेद को लेकर बढ़ रहा उपभोक्ताओं का रुझान

एमवे इंडिया के प्रबंध निदेशक रजनीश चोपड़ा ने कहा कि भारत में पारंपरिक स्वास्थ्य और वेलनेस का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। उपभोक्ताओं में पौधों पर आधारित उत्पादों और बीमारी से पहले बचाव पर आधारित स्वास्थ्य देखभाल को लेकर रुचि बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आयुष और आयुर्वेद को लगातार बढ़ावा दिए जाने से देश में आयुर्वेद को मजबूत आधार मिला है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर भी आयुर्वेद की पहचान बढ़ी है।

अब उपभोक्ता गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रमाण भी चाहते हैं

चोपड़ा के मुताबिक आयुर्वेद अब लोगों की रोजमर्रा की स्वास्थ्य जरूरतों का हिस्सा बन रहा है। ऐसे में उपभोक्ता आयुर्वेदिक उत्पादों में भी वही पारदर्शिता, गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रमाण चाहते हैं, जिसकी अपेक्षा वे आधुनिक वेलनेस उत्पादों से करते हैं।

उन्होंने कहा कि न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद में उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक जड़ी-बूटी की गुणवत्ता और उसके स्रोत की ट्रेसेबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता और उसके स्रोत को लेकर अधिक भरोसा मिलेगा।

सिर्फ उत्पाद लॉन्च नहीं, पूरी आर्थिक श्रृंखला पर फोकस

एमवे इंडिया के अनुसार आयुर्वेद के क्षेत्र में यह विस्तार केवल नए उत्पाद बाजार में उतारने तक सीमित नहीं है। कंपनी का लक्ष्य जड़ी-बूटियों की जिम्मेदार खरीद से लेकर स्थानीय खेती, मैन्युफैक्चरिंग, वैज्ञानिक शोध, इनोवेशन और रोजगार तक आयुर्वेद से जुड़ी पूरी आर्थिक श्रृंखला को मजबूत करना है।

कंपनी का कहना है कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर जड़ी-बूटी उत्पादन और किसानों के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देने के साथ आयुर्वेद आधारित उत्पादों के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को भी गति मिल सकती है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़कर देख रही कंपनी

एमवे इंडिया ने अपने इस विस्तार को विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य से भी जोड़ा है। कंपनी के मुताबिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस, स्थानीय उत्पादन, कृषि, विनिर्माण और रोजगार जैसे क्षेत्रों में निवेश देश की दीर्घकालिक विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप है।

नौ नए उत्पादों की लॉन्चिंग और 100 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य ऐसे समय में आया है, जब भारत में आयुर्वेद, प्राकृतिक स्वास्थ्य उत्पादों और प्रिवेंटिव हेल्थ को लेकर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है।

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