जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को दिए निर्देश, मसूरी जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों और शटल सेवा की योजना पर भी होगा काम
देहरादून। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने और जाम की समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए सड़क कनेक्टिविटी, जंक्शन सुधार, पार्किंग सुविधाओं और वैकल्पिक मार्गों के विकास पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी ने मसूरी एवं अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों के कारण शहर में बढ़ने वाले यातायात दबाव को कम करने के लिए शहर के बाहरी हिस्सों से वाहनों की आवाजाही की संभावनाओं का अध्ययन करने को कहा। उन्होंने मसूरी में पार्किंग व्यवस्था मजबूत करने, शटल सेवा की प्रभावी योजना बनाने तथा सड़क मार्गों की क्षमता के अनुरूप यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
23 प्रस्तावित पार्किंग स्थलों की होगी समीक्षा
बैठक में बताया गया कि पूर्व में तैयार योजना के तहत 23 स्थलों पर पार्किंग प्रस्तावित की गई है। जिलाधिकारी ने इन सभी स्थलों की उपयोगिता, व्यवहार्यता और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए केवल स्थल चिह्नित करना पर्याप्त नहीं है। यह भी आकलन किया जाना चाहिए कि वहां पार्किंग विकसित होने से यातायात दबाव वास्तव में कम होगा या नहीं। इसके लिए सड़क की चौड़ाई, वाहनों के प्रवेश एवं निकास, उपलब्ध भूमि और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद को मसूरी में संचालित एवं प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया। वहीं, उप जिलाधिकारी सदर को देहरादून शहर के पार्किंग स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से डीपीआर की स्थिति, भूमि की उपलब्धता और तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवहार्यता का विवरण भी मांगा गया।
एमडीडीए तैयार करेगा व्यापक यातायात प्रबंधन योजना
जिलाधिकारी ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और टाउन प्लानर के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें जंक्शन सुधारीकरण, सड़क कनेक्टिविटी, पार्किंग स्थलों का विकास, वैकल्पिक मार्ग और यातायात दबाव वाले क्षेत्रों के समाधान शामिल किए जाएंगे।
उन्होंने अन्य राज्यों के प्रमुख शहरों एवं पर्यटन स्थलों में अपनाए जा रहे सफल यातायात प्रबंधन मॉडलों का अध्ययन करने को भी कहा, ताकि देहरादून की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी व्यवस्था विकसित की जा सके।

तत्काल सुधार और दीर्घकालिक विकास पर रहेगा जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तत्काल किए जा सकने वाले सुधारों और दीर्घकालिक आधारभूत संरचना विकास के उपायों को अलग-अलग चिह्नित करने के निर्देश दिए। अल्पकालिक योजना में यातायात संचालन, जंक्शन व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन में सुधार किया जाएगा, जबकि दीर्घकालिक योजना में वैकल्पिक मार्गों, नई पार्किंग सुविधाओं और सड़क कनेक्टिविटी के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात जगदीश पंत और एमडीडीए के अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
