देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
120 मामलों का हुआ समाधान
बैठक में बताया गया कि पिछले तीन महीनों में बाल कल्याण समिति के सामने 236 मामले आए, जिनमें से 120 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है।
दत्तक ग्रहण में बड़ी उपलब्धि
बालगृहों में रह रहे 6 बच्चों को कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण के लिए मुक्त किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 5 बच्चों को नया परिवार मिल चुका है। वर्ष 2016 से अब तक जनपद देहरादून से कुल 109 बच्चों को देश-विदेश में दत्तक ग्रहण के जरिए नया जीवन मिला है।

216 बच्चों की स्कूल में वापसी
जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दिसंबर 2024 से अब तक 744 जरूरतमंद बच्चों को चिन्हित कर सहायता प्रदान की गई है। इनमें से 216 बच्चों का दोबारा स्कूलों में दाखिला कराया गया है। वर्तमान में बालगृहों में निवासरत 219 बच्चे नियमित रूप से विद्यालय जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृहों में बच्चों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड प्राथमिकता से बनाए जाएं। अभी तक 236 बच्चों के आधार कार्ड और 95 के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, CWC अध्यक्ष नमिता ममगाईं, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
