विकासनगर (देहरादून)। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई स्थित पश्मी गांव पहुंचकर न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इससे पहले रविवार को उन्होंने हनोल मंदिर (महासू देवता मंदिर) में पूजा-अर्चना कर दो दिवसीय पारंपरिक जागड़ा (देवनायणी) राजकीय मेले का शुभारंभ किया था। सोमवार को मेले के दूसरे दिन वे पश्मी गांव पहुंचे।
इस अवसर पर मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज उत्तराखंड के जौनसार-बावर और हिमाचल के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के लाखों लोगों के आराध्य और कुल देवता हैं। इन्हें न्याय का देवता माना जाता है।

उन्होंने कहा कि यहां बहुत अच्छी व्यवस्थाएं हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के परिवहन मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि हनोल के लिए स्पेशल बस चलाने के आग्रह को स्वीकार कर बसों की व्यवस्था की गई।
उल्लेखनीय है कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज की यह ऐतिहासिक प्रवास यात्रा उत्तराखंड के दसऊ गांव से शुरू होकर टौंस नदी पार कर लगभग 70 किलोमीटर की 6 दिवसीय पैदल यात्रा के बाद पश्मी पहुंची है। पश्मी गांव में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित भव्य मंदिर में महाराज विधिवत रूप से विराजमान हुए हैं, जहां वे परंपरा के अनुसार एक वर्ष तक प्रवास करेंगे।
मंत्री महाराज ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे पौराणिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित कर रही है।
पश्मी मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने ढोल-दमाऊं और फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
