अगस्त में 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी मंजूर, सीएम धामी ने वन-क्लिक से किया भुगतान
देहरादून। मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत अगस्त 2026 की पेंशन राशि का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया। इस दौरान 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के खातों में 147 करोड़ पांच लाख 51 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई। वहीं, अगस्त माह में विभिन्न योजनाओं के तहत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले। उन्होंने अधिकारियों को पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों का संवेदनशीलता से समाधान करने के निर्देश दिए।
आधार नहीं तो अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन पात्र लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार नहीं बन पा रहा है, उन्हें चिन्हित किया जाए। ऐसे लाभार्थियों के लिए अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए, ताकि आधार से जुड़ी समस्या के कारण कोई पात्र व्यक्ति पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अगस्त माह में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन योजनाओं के कुल 9,91,914 लाभार्थियों के लिए 147 करोड़ पांच लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है।
इनमें 2,14,711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत और 7,77,203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं। अगस्त के पेंशन भुगतान में करीब 140 करोड़ 11 लाख रुपये राज्यांश और 6 करोड़ 94 लाख रुपये केंद्रांश शामिल है।
वृद्धावस्था पेंशन में सबसे ज्यादा नए लाभार्थी
अगस्त में स्वीकृत 5,605 नई पेंशन में सबसे ज्यादा 3,945 वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी हैं। इसके अलावा 1,000 विधवा, 416 दिव्यांग, 106 किसान, 23 परित्यक्ता और 115 भरण-पोषण अनुदान के लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत की गई।
सितंबर में राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन
बैठक में आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी जानकारी दी गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार की ओर से 18 और 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से जुड़ी प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच संवाद होगा।
