हरिद्वार-नजीबाबाद और मंगलौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग का किया स्थलीय निरीक्षण, अतिक्रमण हटाने और सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
हरिद्वार। जनपद में खराब सड़कों और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शनिवार को हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग समेत मंगलौर तक के राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क की स्थिति, गड्ढों, अतिक्रमण, साफ-सफाई और निर्माणाधीन फ्लाईओवर कार्यों का जायजा लिया।
15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर तक जनपद की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों से कहा कि जहां भी गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, वहां तत्काल मरम्मत और पैचवर्क कराया जाए।
डीएम ने बरसात के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की नियमित निगरानी करने और दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए।
सड़क किनारे अतिक्रमण पर सख्ती
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण को लेकर भी अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध रेडी-ठेलियों और अन्य अस्थायी अतिक्रमण को तत्काल हटाने तथा भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न होने देने को कहा।
इसके साथ ही सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई और साफ-सफाई नियमित रूप से कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी न हो और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सके।
कुंभ से पहले पूरे हों फ्लाईओवर के जरूरी काम
डीएम ने निर्माणाधीन फ्लाईओवर कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के शुरू होने से पहले आवश्यक कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं।
निर्माण कार्यों के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए भी प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दुर्घटना संभावित स्थानों पर बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
जिलाधिकारी ने दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त साइन बोर्ड, चेतावनी संकेतक, स्पीड ब्रेकर और अन्य जरूरी सड़क सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश परिवहन विभाग को दिए।
निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक एनएचआई विशाल गोयल, प्रोजेक्ट मैनेजर सुमित कुमार, एआरटीओ निखिल शर्मा, नेहा झा, कृष्ण चंद्र पलड़िया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
