SIR कार्य में पारदर्शिता और शुद्धता के साथ करें नोटिसों की सुनवाई: डीएम

 

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निरंतर समन्वय और BLO कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

 

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को नोटिसों की सुनवाई में पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अनोमलीज अथवा नो-मैपिंग के मामलों में मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभिलेखों का परीक्षण एवं सत्यापन किया जाए।

 

ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में SIR की प्रगति, अनोमलीज, नो-मैपिंग तथा मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई।

 

राजनीतिक दलों से लगातार समन्वय के निर्देश

 

डीएम ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिए कि वे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक और समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक जानकारी सभी संबंधित पक्षों तक समय पर पहुंचनी चाहिए।

 

उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

 

नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं

 

डीएम ने कहा कि अनोमलीज या नो-मैपिंग की स्थिति सामने आने पर मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है। मतदाता आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर अपना पक्ष रख सकते हैं।

 

अभिलेखों के नियमानुसार परीक्षण और सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। अधिकारियों और BLO को निर्देश दिए गए कि वे मतदाताओं को SIR प्रक्रिया, नोटिस की स्थिति, सुनवाई और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट एवं सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

 

दावे-आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण

 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दावे और आपत्तियों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए। पूरी प्रक्रिया में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।

 

उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता को SIR प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भ्रम या असुविधा न हो। मतदाता सूची का शुद्ध और त्रुटिरहित होना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

 

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

 

डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से SIR अभियान में प्रशासन और निर्वाचन तंत्र का सहयोग करने तथा मतदाताओं को प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्धारित समयसीमा में SIR संबंधी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

 

 

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