देहरादून। देहरादून जिले को एचआईवी/एड्स मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित ‘मिशन एड्स सुरक्षा’ अभियान की समीक्षा बैठक में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए समय पर जांच, सटीक परामर्श और प्रत्येक जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जनपद स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार कर व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में हाई रिस्क क्षेत्रों की पहचान कर उनकी GIS मैपिंग कराने का निर्णय लिया गया, ताकि लक्षित अभियान चलाकर संवेदनशील वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा जा सके। जिलाधिकारी ने सेक्स वर्कर्स, ट्रांसजेंडर समुदाय, इंजेक्टिंग ड्रग यूजर्स, वाहन चालकों और प्रवासी आबादी के बीच जागरूकता, काउंसलिंग और समय पर एचआईवी जांच पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से सैंपलिंग और टेस्टिंग की गति बढ़ाने तथा संक्रमित पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल एआरटी (ART) केंद्रों के माध्यम से उपचार से जोड़ने को कहा। साथ ही आवश्यकतानुसार कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, नियमित फॉलोअप और गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध जांच एवं काउंसलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने एचआईवी/एड्स से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों, झिझक और भेदभाव को दूर करने के लिए तथ्यपरक एवं संवेदनशील जनजागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आगामी बैठकों में पुलिस, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को भी शामिल किया जाएगा।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर 85,065 लोगों की एचआईवी जांच की गई। इनमें 583 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए, जिन्हें तत्काल एआरटी केंद्रों के माध्यम से परामर्श और उपचार सेवाओं से जोड़ दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, डीटीओ डॉ. मनोज कुमार वर्मा, डॉ. सुनीता हाडा, नोडल एआरटी डॉ. के.सी. पंत सहित स्वास्थ्य विभाग, एआरटी, आईसीडीसी तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
