देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई हिमालयन भोजनालय पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल मॉडल बनकर उभर रही है। रीप (REAP) परियोजना के सहयोग से संचालित ये भोजनालय एक ओर पर्यटकों और यात्रियों को उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्थायी रोजगार और आय का बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।
मई 2026 से जिले के विभिन्न विकासखंडों में वे-साइड ईटरी के रूप में 10 हिमालयन भोजनालय फूड वैन संचालित की जा रही हैं। इनमें रायपुर, डोईवाला, विकासनगर, सहसपुर और कालसी विकासखंड शामिल हैं। प्रत्येक फूड वैन करीब 10 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई है, जिसमें रीप परियोजना, बैंक ऋण और स्वयं सहायता समूहों का अंशदान शामिल है।
महिलाओं की आय में हो रहा इजाफा
हिमालयन भोजनालयों का संचालन स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं कर रही हैं। सामान्य स्थानों पर संचालित भोजनालयों से प्रतिदिन लगभग दो हजार रुपये तक की बचत हो रही है, जबकि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित फूड वैन से तीन से चार हजार रुपये तक की दैनिक बचत दर्ज की जा रही है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

रायपुर ब्लॉक में बांदल घाटी क्लस्टर लेवल फेडरेशन का ‘जय माता दी’ समूह इस मॉडल का सफल संचालन कर रहा है। समूह की सदस्य कविता सकलानी के अनुसार, इस पहल से गांव की 10 महिलाओं को रोजगार मिला है। भोजनालय में तैयार होने वाले पारंपरिक व्यंजनों के साथ समूह की अन्य महिलाएं घर पर तैयार किए गए पहाड़ी उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध करा रही हैं।
स्थानीय उत्पादों को मिल रहा नया बाजार
हिमालयन भोजनालयों में पारंपरिक भोजन के अलावा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार पल्लर, अचार, हरा नमक, देसी घी, हल्दी, मिर्च, झंगोरा, मंडुवा और विभिन्न प्रकार की दालों जैसे स्थानीय उत्पादों की भी अच्छी बिक्री हो रही है। पर्यटक इन उत्पादों को खरीदकर अपने साथ ले जा रहे हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिल रहा है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर बेहतर रिस्पांस
डोईवाला के छिद्दरवाला स्थित हिमालयन भोजनालय का संचालन श्री देव सुमन क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है। समूह की सदस्य मंजू कश्यप और उनके पति लेखराज कश्यप के अनुसार चारधाम यात्रा के दौरान पर्यटकों की अधिक आवाजाही से कारोबार में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और पहाड़ी उत्पादों की मांग भी तेजी से बढ़ी है।

हनोल में भी खुलेगा नया हिमालयन भोजनालय
जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चकराता के हनोल मंदिर क्षेत्र के निकट भी जल्द हिमालयन भोजनालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मालदेवता और छिद्दरवाला में मिले सकारात्मक परिणामों के आधार पर इस मॉडल का विस्तार किया जा रहा है।
महिलाओं के सशक्तिकरण का सफल मॉडल
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में रीप परियोजना के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। वे-साइड ईटरी की अवधारणा के तहत स्वयं सहायता समूहों को फूड वैन उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके माध्यम से महिलाएं अपना स्वरोजगार संचालित करने के साथ स्थानीय उत्पादों का भी विपणन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि हिमालयन भोजनालय केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति, स्थानीय व्यंजनों और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। चारधाम यात्रा मार्ग पर इन भोजनालयों को मिल रहा सकारात्मक प्रतिसाद इस पहल की सफलता का प्रमाण है।
